इंदौर में एक 12 वर्षीय बीमार बच्चे को लेकर उसके माता-पिता घंटों तक दो सरकारी अस्पतालों के बीच भटकते रहे। आरोप है कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस और पर्याप्त सहायता नहीं मिली। तेज गर्मी के बीच बच्चे को स्ट्रेचर पर ले जाने की तस्वीर सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर परिवार उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचा था। वहां से उसे दूसरे अस्पताल रेफर किया गया।
परिजनों का आरोप है कि रेफरल के बाद उन्हें एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में माता-पिता बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर सड़क मार्ग से दूसरे अस्पताल पहुंचे।
गर्मी में स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा बच्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच परिवार बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर चलता दिखाई दिया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद की कोशिश की।
घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मरीज को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
हालांकि परिजनों का दावा है कि उन्हें समय पर सहायता नहीं मिली, जिससे बच्चे की हालत को लेकर चिंता बढ़ गई।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में एम्बुलेंस उपलब्धता और मरीज प्रबंधन को लेकर बहस छेड़ दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रेफर किए गए मरीजों के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित होना जरूरी है।
कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच के निर्देश
घटना सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है और मामले की जांच की जा रही है।