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आसाराम से बड़ा निकला भोले बाबा! कुंवारी लड़कियों को शिष्य बनाने के नाम पर करता था ये काम

यूपी के हाथरस में सत्संग हादसे में 123 लोगों की जान चली गई थी। जिसके बाद से बाबा भोले और उसके सेवादारों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस अब तक कई सेवादारों को अरेस्ट कर चुकी है। वहीं हादसे के बाद से बाबा को लेकर नए नए खुलासे हो रहे है। बताया जा रहा सत्संग में बाबा के इर्द-गिर्द हमेशा कुंवारी लड़कियां ही होती थी। ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि महिलाओं ने ही किया है।

बाबा को लाल रंग पसंद है
महिलाओं ने बताया कि वे बाबा के सत्संग में लाल रंग की ड्रेस पहनकर जाती थीं। सत्संग के दौरान बाबा हमेशा काले रंग का चश्मा पहनता था। कुंवारी लड़कियों को बाबा में भगवान नजर आते थे। इतना ही नही महिलाओं ने कई ऐसे खुलासे किए हैं जिन्हें बोलते हुए शर्मिंदगी से अपना मुंह फेर लेती हैं। जानकारी के अनुसार कुंवारी लड़कियां उसे अपना पति मानती थीं।

सुहागिन महिलाओं से दूरी
हालांकि इस दौरान सुहागिन महिलाओं को दूर रखा जाता था। केवल भोले बाबा के दर्शन कर पाती थीं। कुंवारी लड़कियां बाबा की शिष्याएं हुआ करती थीं। उनके शिष्य बनने के लिए वे विशेष दीक्षा लेती थीं। वो महिलाओं को अपने पास नहीं आने देता था। वहीं महिला ने बताया कि बाबा को लाल रंग बहुत पसंद था। कुंवारी लड़कियां लाल रंग के कपड़े पहनकर बाबा के सत्संग के दौरान नाचती थीं। बाबा लड़कियों द्वारा तैयार किए गए विशेष नीम के पानी से नहाता था। इतना ही नहीं लड़कियां ही बाबा को खाना खिलाती थी।

पूरे यूपी में फैला है बाबा का साम्राज्य
नारायण साकार विश्व हरि भोले बाबा का साम्राज्य लगभग पूरे यूपी में फैला हुआ था। इंटेलीजेंस से नौकरी छोड़ने के बाद अपने पैतृक गांव बहादुर नगर में छोटे से आश्रम का निर्माण कराया. इसके बाद यहां अनुयायियों की संख्या बढ़ने लगी. उसका मैनपुरी के अलावा कानपुर के बिधनू इलाके के कसुई गांव में करीब तीन बीघे में आश्रम बना हुआ है. वहीं, इटावा में 15 बीघा में आश्रम फैला हुआ है. इसके अलावा भी कई आश्रम मौजूद है।

Sourceghamasan

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