भारतीय विमानन नियामक DGCA ने Indian flights में MOBIKINS MK-PB-04 पावर बैंक ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। यह फैसला विमान में आग लगने की घटना के बाद आया। प्रतिबंध घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और कार्गो उड़ानों पर लागू है।
विमान में आग के बाद बढ़ी चिंता
11 अक्टूबर को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में ओवरहेड लगेज बिन में रखे पावर बैंक में आग लग गई। इसके बाद विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ा गया। विमान ने वहां सुरक्षित लैंडिंग की।
DGCA के नए नियम क्या हैं?
DGCA के 29 सितंबर के निर्देश में इस खास मॉडल को विमान में ले जाने और परिवहन करने पर रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध केबिन बैगेज, चेक-इन बैगेज और कार्गो पर लागू है। एयरलाइंस को डिवाइस की पहचान करने और यात्रियों को जानकारी देने के निर्देश मिले हैं।
यात्रियों को यात्रा से पहले अपने पावर बैंक का मॉडल जांचना चाहिए। सामान्य पावर बैंक पर इस आदेश से पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगा है। यात्रियों को संबंधित एयरलाइन के सुरक्षा नियम भी देखने चाहिए।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
यह fire case विमान में लिथियम-आयन बैटरी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है। यात्री पावर बैंक खरीदते समय प्रमाणन और उत्पाद की गुणवत्ता जांचें। किसी संदिग्ध या क्षतिग्रस्त बैटरी का इस्तेमाल न करें।
यह खबर latest news india hindi और विमानन सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी है। इंदौर से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी उड़ान से पहले लागू नियमों की जांच करनी चाहिए।
FAQs
1. DGCA ने किस पावर बैंक पर प्रतिबंध लगाया है?
MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल पर।
2. क्या प्रतिबंध सभी पावर बैंकों पर लागू है?
नहीं, आदेश में एक विशेष मॉडल का नाम है।
3. क्या यह प्रतिबंध घरेलू उड़ानों पर लागू है?
हां, भारत के भीतर चलने वाली उड़ानों पर भी लागू है।
4. क्या पावर बैंक चेक-इन बैग में रख सकते हैं?
प्रतिबंधित मॉडल को चेक-इन बैग में भी नहीं ले जा सकते।
5. यात्रियों को क्या करना चाहिए?
पावर बैंक का मॉडल जांचें और एयरलाइन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।