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भारत के AI मिशन को नई ताकत, EKA 1 और DHIR के 3 स्वदेशी मॉडल पेश

भारत के IndiaAI Mission के तहत तीन स्वदेशी AI मॉडल EKA 1, DHIR 2B और DHIR 5B पेश किए गए हैं। Soket Labs और Zenteiq ने इन मॉडलों को विकसित किया है। इनका उद्देश्य भारतीय भाषाओं और देश की जरूरतों के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक को आगे बढ़ाना है। यह पहल भारत में स्वदेशी AI विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया कदम है।

ई-इंदौर डेस्क 04 Nov 2026 16 बार देखा गया Ai
भारत के AI मिशन को नई ताकत, EKA 1 और DHIR के 3 स्वदेशी मॉडल पेश

भारत के AI मिशन को नई ताकत, EKA 1 और DHIR के 3 स्वदेशी मॉडल पेश  |  ई-इंदौर फोटो

ai models: भारत सरकार ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में तीन स्वदेशी AI फाउंडेशन मॉडल पेश किए। इनके नाम EKA-1, Dhīr 2B और Dhīr 5B हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने IndiaAI Mission के तहत इन्हें जारी किया।

Soket Labs ने EKA-1 विकसित किया है। वहीं, ZenteiQ AiTech Innovations ने Dhīr के दोनों संस्करण तैयार किए हैं। इनका उद्देश्य भारतीय भाषाओं, सरकारी सेवाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।

22 भाषाओं में काम करेगा भारत का EKA-1

EKA-1 एक स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल है। इसमें 26.3 अरब पैरामीटर हैं। इसे लगभग 7.5 लाख करोड़ टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है।

यह मॉडल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी को सपोर्ट करता है। इसे गणित, कोडिंग और तर्क आधारित कामों के लिए तैयार किया गया है।

Soket Labs ने इसकी संरचना में Sparse Hybrid तकनीक अपनाई है। इससे मॉडल अलग-अलग प्रकार के जटिल कार्यों को संभाल सकता है।

बैंकिंग और साइबर सुरक्षा में मिलेगी मदद

EKA-1 को भारत की बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और साइबर सुरक्षा की जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है।

कंपनी के सीईओ अभिषेक उप्परवाल के अनुसार, मॉडल भारतीय डिजिटल व्यवस्था और अलग-अलग क्षेत्रों की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखता है।

इस artificial intelligence technology का इस्तेमाल वित्तीय जानकारी समझने और तकनीकी प्रक्रियाओं में सहायता के लिए किया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक उपयोग संबंधित संस्थानों की जांच और परीक्षण पर निर्भर करेगा।

बिना इंटरनेट भी काम करेंगे Dhīr मॉडल

ZenteiQ ने Dhīr 2B और Dhīr 5B नाम से दो ओपन-सोर्स मॉडल पेश किए हैं। ये अंग्रेजी सहित 10 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं।

इनकी खासियत स्थानीय सिस्टम पर काम करने की क्षमता है। इन्हें ऐसे कंप्यूटर या उपकरणों पर चलाया जा सकता है, जिनमें इंटरनेट उपलब्ध नहीं है।

यह सुविधा रक्षा, सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील संस्थानों के लिए उपयोगी हो सकती है। इससे जानकारी बाहरी सर्वर पर भेजे बिना AI का इस्तेमाल संभव होगा।

मोबाइल पर भी चल सकेगी AI तकनीक

Dhīr मॉडल को हल्के तकनीकी ढांचे के साथ विकसित किया गया है। ये GPU और TPU जैसे अलग-अलग कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर काम कर सकते हैं।

ZenteiQ के सीईओ प्रोफेसर शशिकुमार के अनुसार, मॉडल मोबाइल उपकरणों पर भी चल सकते हैं। इसके लिए हर बार क्लाउड कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी।

इस तकनीक से कम इंटरनेट सुविधा वाले क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को सहायता मिल सकती है। हालांकि, प्रदर्शन उपकरण की क्षमता और मॉडल के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।

सरकार ने क्यों शुरू किया स्वदेशी AI अभियान?

केंद्र सरकार ने 7 मार्च 2024 को IndiaAI Mission को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य देश में AI अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देना है।

india ai mission launch date खोजने वाले पाठकों के लिए यह तारीख महत्वपूर्ण है। इस योजना में कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा प्लेटफॉर्म, स्टार्टअप सहायता और सुरक्षित AI विकास शामिल हैं।

सरकार चाहती है कि भारतीय संस्थान अपनी जरूरतों के अनुसार तकनीक विकसित कर सकें। इससे विदेशी AI सेवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

मंत्रालय ने तकनीकी आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव एस. कृष्णन मौजूद रहे। उन्होंने स्वदेशी मॉडल के विकास को देश की तकनीकी क्षमता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उनके अनुसार, ऐसे मॉडल सरकारी सेवाओं, उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान में उत्पादकता बढ़ाने के अवसर दे सकते हैं।

IndiaAI के मुख्य परिचालन अधिकारी सुदीप श्रीवास्तव ने भी स्थानीय जरूरतों के अनुसार AI विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने छोटे उपकरणों और बड़े संस्थानों के लिए अलग तकनीकी समाधान की उपयोगिता बताई।

तीनों AI मॉडल में क्या अंतर है?

मॉडल

प्रमुख विशेषता

संभावित उपयोग

EKA-1

26.3 अरब पैरामीटर, 22 भारतीय भाषाएं

बैंकिंग, कोडिंग, साइबर सुरक्षा

Dhīr 2B

हल्का, ओपन-सोर्स मॉडल

स्थानीय AI सहायता

Dhīr 5B

बहुभाषी, ऑफलाइन क्षमता

सरकारी और औद्योगिक सेवाएं

तीनों मॉडल अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। EKA-1 बड़े और जटिल कार्यों पर केंद्रित है।

Dhīr के दोनों संस्करण सीमित कंप्यूटिंग संसाधनों वाले वातावरण में उपयोगी हो सकते हैं।

छात्रों और इंजीनियरों के लिए क्या अवसर?

स्वदेशी AI विकास से तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान में नए प्रयोग संभव हो सकते हैं। artificial intelligence engineer बनने की तैयारी कर रहे छात्रों को ऐसे मॉडल से सीखने के अवसर मिल सकते हैं।

किसी ai model project पर काम करने वाले डेवलपर भी भारतीय भाषाओं से जुड़ी तकनीक का अध्ययन कर सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक मॉडल की उपलब्धता और इस्तेमाल की शर्तें अलग हो सकती हैं।

सरकार के AIKosh प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनुसंधान संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने की योजना है। इससे artificial intelligence research paper और तकनीकी प्रयोगों पर काम करने वाले शोधकर्ताओं को सहायता मिल सकती है।

इंदौर के युवाओं और आईटी कंपनियों पर असर

इंदौर में आईटी और तकनीकी शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए यह विकास उपयोगी हो सकता है। भारतीय भाषाओं पर आधारित AI स्थानीय डिजिटल उत्पाद बनाने में सहायता कर सकता है।

artificial intelligence job opportunities की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मशीन लर्निंग, डेटा और सॉफ्टवेयर विकास महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।

हालांकि, इन तीन मॉडलों के लॉन्च से इंदौर में नई नौकरियों की कोई आधिकारिक संख्या घोषित नहीं हुई है।

आगे क्या होगा?

अब इन मॉडलों की वास्तविक उपयोगिता, उपलब्धता और प्रदर्शन पर ध्यान रहेगा। संस्थान अपनी जरूरतों के अनुसार इनके परीक्षण कर सकते हैं।

सरकार का लक्ष्य स्वदेशी AI विकास को शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग तक पहुंचाना है। EKA-1 और Dhīr का इस्तेमाल बढ़ने से भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं के नए विकल्प सामने आ सकते हैं।

फिलहाल तीनों मॉडल IndiaAI Mission के तहत जारी किए जा चुके हैं। इनके व्यापक इस्तेमाल का असर आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

FAQs

1. IndiaAI Mission के तहत कौन-से नए AI मॉडल लॉन्च हुए हैं?

भारत ने IndiaAI Mission के तहत तीन स्वदेशी AI मॉडल पेश किए हैं। इनके नाम EKA-1, Dhīr 2B और Dhīr 5B हैं।

2. EKA-1 AI मॉडल क्या है और इसकी खासियत क्या है?

EKA-1 भारत में विकसित एक फाउंडेशन AI मॉडल है। इसमें 26.3 अरब पैरामीटर हैं। यह 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी को सपोर्ट करता है।

3. EKA-1 और Dhīr AI मॉडल किसने विकसित किए हैं?

EKA-1 को Soket Labs ने विकसित किया है। वहीं, Dhīr 2B और Dhīr 5B को ZenteiQ AiTech Innovations ने तैयार किया है।

4. क्या भारत के नए AI मॉडल बिना इंटरनेट काम कर सकते हैं?

Dhīr 2B और Dhīr 5B को स्थानीय उपकरणों पर चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। ये उपयुक्त हार्डवेयर पर बिना इंटरनेट भी काम कर सकते हैं।

5. IndiaAI Mission कब शुरू हुआ था?

केंद्र सरकार ने 7 मार्च 2024 को IndiaAI Mission को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य भारत में स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक विकसित करना है।

6. भारत के नए AI मॉडल किन क्षेत्रों में इस्तेमाल हो सकते हैं?

इनका इस्तेमाल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, सरकारी सेवाओं और अनुसंधान में हो सकता है। वास्तविक उपयोग तकनीकी परीक्षण और संस्थानों की जरूरतों पर निर्भर करेगा।


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