2 अक्टूबर का विरोध हुआ वापस
No UPI Day का प्रस्तावित विरोध 2 अक्टूबर को नहीं होगा। व्यापारिक संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद अपना आह्वान वापस लिया।
करीब 20 व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने 30 सितंबर को वित्त मंत्री से मुलाकात की। बैठक में UPI पर प्रस्तावित MDR और कारोबार पर इसके असर पर चर्चा हुई।
क्यों शुरू हुआ था No UPI Day?
विरोध का कारण ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI भुगतान पर प्रस्तावित 0.40% MDR है। यह शुल्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला है।
AIMRA और AICPDF ने विरोध वापस लिया है। दोनों संगठनों ने सरकार से MDR लागू करने में देरी और सीमा बढ़ाने की मांग रखी।
व्यापारियों की मांग पर क्या हुआ?
व्यापारी संगठनों ने त्योहारी सीजन को देखते हुए MDR व्यवस्था टालने की मांग की। उन्होंने कारोबारियों के लिए अधिक सीमा और चरणबद्ध व्यवस्था का सुझाव दिया।
हालांकि, सभी स्थानीय संगठनों ने विरोध वापस नहीं लिया है। पुणे में कुछ व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को UPI स्वीकार नहीं करने की घोषणा की।
Indore और MP में क्या स्थिति है?
मध्य प्रदेश में पहले भी व्यापारियों ने MDR के खिलाफ No UPI Day अभियान चलाया था। सितंबर में इंदौर समेत कई शहरों के व्यापारियों ने इसमें हिस्सा लिया था।
इसलिए latest indore news और indore local news में UPI से जुड़े अपडेट कारोबारियों के लिए अहम हैं। स्थानीय दुकानदार अपने संगठन के निर्देश के अनुसार फैसला ले सकते हैं।
आगे क्या होगा?
प्रस्तावित 0.40% MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है। ग्राहक से सीधे यह शुल्क लेने की बात नहीं कही गई है।
No UPI Day का राष्ट्रीय स्तर का आह्वान वापस हुआ है। लेकिन कुछ स्थानीय traders in india अभी भी अपनी अलग गतिविधियां जारी रख सकते हैं।
FAQs
1. No UPI Day क्यों घोषित किया गया था?
व्यापारियों ने प्रस्तावित UPI MDR के विरोध में यह अभियान शुरू किया था।
2. क्या No UPI Day कॉल ऑफ हो गया है?
AIMRA और AICPDF ने 2 अक्टूबर का प्रस्तावित विरोध वापस लिया है।
3. UPI MDR कब से लागू होना है?
प्रस्तावित MDR 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना है।
4. क्या UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहक से MDR लिया जाएगा?
वर्तमान जानकारी के अनुसार शुल्क व्यापारी पक्ष पर लागू होगा, ग्राहक पर सीधे नहीं।
5. क्या सभी व्यापारियों ने विरोध वापस लिया है?
नहीं। कुछ स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को विरोध जारी रखने की घोषणा की है।