नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक कथित अंतरराज्यीय हेरोइन सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में 7.076 किलो हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹50 करोड़ आंकी गई है। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हेरोइन बनाने की कथित अवैध फैक्ट्री का भी पता चला। वहां से तैयार हेरोइन के साथ इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण बरामद किए गए।
लखनऊ की फैक्ट्री से 6.275 किलो हेरोइन
पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर को लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में एक ठिकाने पर छापा मारा गया। यहां से 6.275 किलो ताजा तैयार हेरोइन बरामद हुई।
इसके अलावा पुलिस ने करीब 2.504 किलो सोडियम, 787 ग्राम एसीटिक एनहाइड्राइड और कथित निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए। इनमें गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन, टब और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन शामिल हैं।
सितंबर में शुरू हुई थी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई की शुरुआत 16 सितंबर को हुई थी। बेगमपुर इलाके में मादक पदार्थों की आवाजाही की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सेक्टर-32 में एक कार को रोका।
कार से लक्ष्मण हुड्डा नाम के आरोपी को पकड़ा गया। उसके पास से करीब 300 ग्राम हेरोइन और ₹3 लाख नकद बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद उसके खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया।
दूसरे आरोपी से भी बरामद हुई हेरोइन
अगले चरण में पुलिस ने अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया। उसके वाहन से करीब 501 ग्राम हेरोइन बरामद होने की बात सामने आई है।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित सप्लाई नेटवर्क और लखनऊ में चल रहे निर्माण ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद तकनीकी निगरानी और अन्य जांच माध्यमों से नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी गईं।
मुख्य सप्लायर भी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, लखनऊ के ठिकाने से जुड़े बाबलू को गिरफ्तार किया गया। उसकी पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कथित मुख्य सप्लायर और फैक्ट्री के मालिक रुकसार अली उर्फ राजू को बरेली से पकड़ा।
पुलिस का कहना है कि रुकसार को पकड़ने के लिए टीम ने करीब 120 किलोमीटर तक पीछा किया। दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका?
प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरफ्तार लोगों की कथित भूमिकाएं अलग-अलग थीं। इनमें सप्लाई, परिवहन, हेरोइन निर्माण और निर्माण स्थल के संचालन से जुड़े काम शामिल बताए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार हेरोइन की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन
पुलिस की जांच में अब क्या सामने आएगा?
जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के फाइनेंशियल लिंक, कच्चे माल की खरीद, हेरोइन की सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों का पता लगाने पर काम कर रही हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद मादक पदार्थों की सप्लाई कहां की जानी थी और नेटवर्क में इससे जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
बरामद हेरोइन: 7.076 किलो
अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य: करीब ₹50 करोड़
गिरफ्तार आरोपी: 4
मुख्य निर्माण ठिकाना: जानकीपुरम, लखनऊ
ताजा तैयार हेरोइन: 6.275 किलो
नेटवर्क: दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश
जांच: सप्लाई चेन, वित्तीय लिंक और अन्य आरोपियों की पहचान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. दिल्ली में कितनी हेरोइन बरामद हुई?
पुलिस के अनुसार कुल 7.076 किलो हेरोइन बरामद हुई है।
2. बरामद हेरोइन की कीमत कितनी बताई गई है?
पुलिस ने इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹50 करोड़ बताई है।
3. क्या हेरोइन बनाने की फैक्ट्री भी मिली?
हां। लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में कथित अवैध निर्माण ठिकाना मिला, जहां से 6.275 किलो तैयार हेरोइन और अन्य सामग्री बरामद की गई।
4. क्या मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
जांच अभी जारी है। पुलिस सप्लाई नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य कथित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
समापन
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में दिल्ली-NCR से उत्तर प्रदेश तक फैले कथित हेरोइन सप्लाई और निर्माण नेटवर्क का पता चला है। बड़ी मात्रा में तैयार हेरोइन के साथ निर्माण सामग्री बरामद होने से जांच का दायरा अब सप्लाई चेन और आर्थिक लेनदेन तक बढ़ गया है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।