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NEET PG 2027 में बड़ा बदलाव प्रस्तावित, पर्सेंटाइल की जगह रैंक से हो सकता है एडमिशन

NEET PG 2027 से मेडिकल पोस्टग्रेजुएट दाखिले की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो सकता है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि भविष्य में पर्सेंटाइल आधारित पात्रता की जगह रैंक आधारित प्रवेश व्यवस्था अपनाने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव का उद्देश्य न्यूनतम योग्यता मानकों को बनाए रखना और मेडिकल सीटों के आवंटन को अधिक स्पष्ट बनाना है। अंतिम नियम अभी घोषित नहीं हुए हैं।

ई-इंदौर डेस्क 04 Nov 2026 13 बार देखा गया Education
NEET PG 2027 में बड़ा बदलाव प्रस्तावित, पर्सेंटाइल की जगह रैंक से हो सकता है एडमिशन

NEET PG 2027 में बड़ा बदलाव प्रस्तावित, पर्सेंटाइल की जगह रैंक से हो सकता है एडमिशन  |  ई-इंदौर फोटो

neet 2027: मेडिकल पोस्टग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। केंद्र सरकार की 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने NEET-PG और NEET-SS में रैंक आधारित प्रवेश व्यवस्था की सिफारिश की है। समिति ने 3 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। नई व्यवस्था 2027 से लागू करने का सुझाव है। हालांकि, अंतिम नियम और प्रवेश प्रक्रिया अभी तय नहीं हुई है।

पर्सेंटाइल की जगह रैंक को प्राथमिकता देने की तैयारी

अभी NEET-PG में उम्मीदवारों की पात्रता निर्धारित करने के लिए पर्सेंटाइल प्रणाली लागू है। परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों को रैंक भी मिलती है।

नई सिफारिश में पात्रता के लिए पर्सेंटाइल आधारित व्यवस्था बदलने की बात कही गई है। समिति चाहती है कि प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवार की रैंक को मुख्य आधार बनाया जाए।

इससे काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, न्यूनतम पात्रता और रैंक सीमा के विस्तृत नियम अभी घोषित नहीं हुए हैं।

बार-बार कटऑफ घटाने पर क्यों उठे सवाल?

पिछले कुछ वर्षों में खाली मेडिकल सीटों को भरने के लिए neet cutoff कई बार घटाया गया। इससे कम अंक पाने वाले उम्मीदवार भी काउंसलिंग के पात्र बने।

साल 2023 में NEET-PG की पात्रता सीमा सभी श्रेणियों के लिए शून्य पर्सेंटाइल कर दी गई थी। इस फैसले से नकारात्मक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को भी काउंसलिंग का अवसर मिला।

साल 2025-26 के प्रवेश सत्र में भी पात्रता सीमा में बड़ी कटौती हुई। सामान्य वर्ग के लिए इसे 50 से घटाकर सात पर्सेंटाइल किया गया।

दिव्यांग सामान्य वर्ग के लिए सीमा 45 से पांच पर्सेंटाइल हुई। SC, ST और OBC श्रेणियों के लिए इसे शून्य पर्सेंटाइल कर दिया गया।

95,913 अतिरिक्त उम्मीदवार हुए थे पात्र

सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे आंकड़ों के अनुसार, कटऑफ घटाने से 95,913 अतिरिक्त उम्मीदवार काउंसलिंग के पात्र बने।

इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ताओं ने मेडिकल शिक्षा के न्यूनतम मानकों को लेकर चिंता जताई।

उनका सवाल था कि खाली सीटें भरने के लिए पात्रता में इतनी छूट देना कितना उचित है। मामला मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा स्थायी समाधान

मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कटऑफ घटाने की समस्या का स्थायी समाधान खोजने पर जोर दिया।

इसके बाद केंद्र सरकार ने 23 जुलाई 2026 को विशेषज्ञ समिति गठित की। इस समिति की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक ने की।

समिति को मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया की समस्याओं का अध्ययन करने की जिम्मेदारी मिली। उसने खाली सीटों, काउंसलिंग और पात्रता मानकों पर सुझाव तैयार किए।

अब समिति की रिपोर्ट अदालत में पहुंच चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

NEET SS के नियमों में भी बदलाव संभव

प्रस्ताव केवल NEET-PG तक सीमित नहीं है। सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा neet ss को भी इसमें शामिल किया गया है।

समिति ने दोनों परीक्षाओं में रैंक आधारित मेरिट व्यवस्था अपनाने की सिफारिश की है।

हालांकि, दोनों परीक्षाओं के लिए एक जैसी न्यूनतम रैंक सीमा लागू होगी या अलग नियम बनेंगे, यह स्पष्ट नहीं है।

अंतिम नियम सामने आने के बाद ही उम्मीदवारों को पात्रता की पूरी जानकारी मिलेगी।

खाली सीटों के लिए फीस घटाने का सुझाव

समिति ने प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल पाठ्यक्रमों की फीस कम करने का सुझाव भी दिया है।

एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री और फिजियोलॉजी जैसे विषयों में कई बार सीटें खाली रह जाती हैं। कम फीस से इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को राहत मिल सकती है।

समिति ने इन विषयों के उम्मीदवारों को अनिवार्य सेवा बॉन्ड से छूट देने की भी सिफारिश की है।

इसका उद्देश्य कम पसंद किए जाने वाले पाठ्यक्रमों को छात्रों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

काउंसलिंग में देरी रोकने की योजना

समिति ने मेडिकल काउंसलिंग की समय-सारणी पहले से तय करने का सुझाव दिया है।

इसके अलावा, संबंधित संस्थाओं को उपलब्ध सीटों की सही जानकारी समय पर साझा करने की सलाह दी गई है।

प्रस्ताव में पहचान सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। इनसे सीट रोकने के उद्देश्य से होने वाली संभावित गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

लगातार खाली रहने वाले पाठ्यक्रमों की समीक्षा करने का सुझाव भी दिया गया है।

NEET UG के छात्रों पर क्या असर होगा?

यह प्रस्ताव मुख्य रूप से NEET-PG और NEET-SS से जुड़ा है। MBBS और अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा NEET-UG के लिए ऐसा बदलाव घोषित नहीं हुआ है।

इसलिए neet 2026 exam date, neet syllabus और neet total marks से संबंधित मौजूदा जानकारी को इस प्रस्ताव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

NEET-UG और NEET-PG अलग परीक्षाएं हैं। इनके आवेदन, पात्रता, परिणाम और काउंसलिंग की प्रक्रियाएं भी अलग होती हैं।

इंदौर और मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए क्या मायने?

इंदौर और मध्य प्रदेश के मेडिकल स्नातक भी NEET-PG के माध्यम से विशेषज्ञता पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं।

रैंक आधारित व्यवस्था लागू होने पर इन छात्रों को नई पात्रता शर्तों के अनुसार तैयारी करनी होगी।

हालांकि, राज्य के मेडिकल कॉलेजों की सीट संख्या या आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

neet aspirants को परीक्षा और काउंसलिंग के आधिकारिक नोटिस पर नजर रखनी चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

प्रस्तावित नियमों पर संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जा सकते हैं। इसके बाद नियामक संस्थाएं अंतिम प्रवेश ढांचा तय करेंगी।

उम्मीदवारों को neet qualifying marks और नई पात्रता व्यवस्था से जुड़े आधिकारिक विवरण का इंतजार करना होगा।

फिलहाल NEET-PG 2027 के लिए रैंक आधारित प्रवेश प्रणाली एक प्रस्ताव है। इसे लागू करने का अंतिम फैसला अभी बाकी है।

FAQs

1. NEET PG 2027 में क्या बड़ा बदलाव होने वाला है?

NEET PG 2027 में पर्सेंटाइल आधारित पात्रता की जगह रैंक आधारित प्रवेश व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। हालांकि, अंतिम नियम अभी घोषित नहीं हुए हैं।

2. क्या NEET PG 2027 में पर्सेंटाइल सिस्टम खत्म हो जाएगा?

विशेषज्ञ समिति ने पर्सेंटाइल आधारित पात्रता प्रणाली बदलने की सिफारिश की है। अंतिम फैसला संबंधित नियामक संस्थाओं की अधिसूचना के बाद स्पष्ट होगा।

3. NEET PG 2027 में एडमिशन किस आधार पर मिलेगा?

प्रस्ताव के अनुसार, उम्मीदवारों की रैंक को प्रवेश प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। सीट आवंटन में पात्रता, श्रेणी, उपलब्ध सीटें और काउंसलिंग नियम भी लागू होंगे।

4. NEET PG 2027 की परीक्षा कब होगी?

NEET PG 2027 की आधिकारिक परीक्षा तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। उम्मीदवारों को परीक्षा कार्यक्रम के लिए NBEMS की वेबसाइट देखनी चाहिए।

5. NEET PG 2027 के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स कितने होंगे?

नई व्यवस्था के लिए न्यूनतम अंक या रैंक सीमा अभी तय नहीं हुई है। आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही पात्रता स्पष्ट होगी।

6. क्या NEET SS में भी रैंक आधारित एडमिशन लागू होगा?

विशेषज्ञ समिति ने NEET SS के लिए भी रैंक आधारित प्रवेश प्रणाली की सिफारिश की है। इसे लागू करने का अंतिम फैसला अभी बाकी है।


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