धनतेरस 2026
आज 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को देशभर में dhanteras festival मनाया जा रहा है। यह पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का पहला दिन है। इस दिन लोग भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ होता है।
इंदौर में धनतेरस पूजा का शुभ समय शाम 6:17 बजे से रात 8:16 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करेंगे।
धनतेरस की तारीख और शुभ मुहूर्त
इस साल dhanteras date 2026 को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यह त्योहार मनाया जाता है।
धनतेरस से जुड़ी प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:
त्योहार: धनतेरस
दिन: शुक्रवार
तारीख: 6 नवंबर 2026
तिथि: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
त्रयोदशी प्रारंभ: सुबह लगभग 10:30 बजे
त्रयोदशी समाप्त: 7 नवंबर सुबह लगभग 10:47 बजे
इंदौर में पूजा मुहूर्त: शाम 6:17 से रात 8:16 बजे
प्रदोष काल: शाम 5:46 से रात 8:20 बजे
अलग-अलग पंचांगों में मुहूर्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए स्थानीय पुजारी से भी समय की पुष्टि करें।
धनतेरस पर क्या है खरीदारी का शुभ समय?
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है। कई परिवार इस दिन नए बर्तन और घरेलू सामान भी खरीदते हैं।
मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख और समृद्धि लाती हैं। हालांकि, सोना या चांदी खरीदना धार्मिक पूजा के लिए अनिवार्य नहीं है।
लोग अपनी सुविधा और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। पूजा के लिए दीपक, फूल और अन्य सामग्री भी खरीदते हैं।
क्यों मनाया जाता है धनतेरस?
कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि why dhanteras is celebrated और इस त्योहार का धार्मिक महत्व क्या है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है।
इसी कारण धनतेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। यह पर्व धन के साथ अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली का संदेश देता है।
इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। भक्त अपने परिवार की उन्नति और आर्थिक खुशहाली की कामना करते हैं।
भगवान धन्वंतरि की कथा क्या है?
dhanteras story का संबंध समुद्र मंथन की पौराणिक घटना से जुड़ा है।
मान्यता के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया था। इस दौरान कई दिव्य वस्तुएं समुद्र से निकलीं।
अंत में भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए। उन्हें भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है।
इसी घटना की याद में धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन लोग अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना करते हैं।
इसी धार्मिक परंपरा को dhanteras katha और dhanteras ki katha के रूप में भी सुनाया जाता है।
धनतेरस पूजा विधि
धनतेरस के दिन घर की साफ-सफाई करके पूजा की तैयारी की जाती है। शाम को दीपक जलाकर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा होती है।
dhanteras puja vidhi के अनुसार भक्त ये काम कर सकते हैं:
सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें।
घर और पूजा स्थल की सफाई करें।
पूजा स्थल पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की प्रतिमा रखें।
भगवान को फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।
दीपक और धूप जलाकर आरती करें।
परिवार की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।
शाम को परंपरा के अनुसार यम दीपक जलाएं।
इस दिन कई परिवार भगवान कुबेर की पूजा भी करते हैं। पूजा में परिवार की परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।
धनतेरस पर यम दीपदान का महत्व
धनतेरस पर यम दीपदान की भी विशेष परंपरा है। मान्यता है कि शाम को घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
इस परंपरा के पीछे एक राजकुमार की कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार, उसकी पत्नी ने दीपक जलाकर और जागरण करके उसके जीवन की रक्षा की थी।
इसी कारण कई परिवार धनतेरस की शाम यमराज के नाम से दीपदान करते हैं।
दिवाली से पहले इन त्योहारों पर भी रहेगी नजर
धनतेरस के बाद दिवाली उत्सव के दूसरे प्रमुख पर्व आते हैं।
इस साल 7 नवंबर को छोटी दिवाली और 8 नवंबर को मुख्य दिवाली मनाई जाएगी। 8 नवंबर को माता लक्ष्मी की विशेष पूजा होगी।
इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। इन पर्वों के साथ दिवाली का पांच दिवसीय उत्सव पूरा होगा।
धनतेरस पर शुभकामनाएं और संदेश
धनतेरस पर लोग अपने परिवार और दोस्तों को शुभकामनाएं भेजते हैं। सोशल मीडिया पर dhanteras status, dhanteras quotes और dhanteras hd images की भी मांग रहती है।
इस अवसर पर आप अपने प्रियजनों को यह संदेश भेज सकते हैं:
"आपके जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का प्रकाश बना रहे। भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की कृपा आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे।"
happy dhanteras diwali!
धनतेरस का पर्व लोगों को स्वास्थ्य, समृद्धि और सेवा का महत्व याद दिलाता है। इस दिन पूजा के साथ जरूरतमंदों की सहायता करने की परंपरा भी निभाई जाती है।
FAQs
1. धनतेरस 2026 कब मनाई जा रही है?
धनतेरस 2026 का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। यह पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का पहला दिन है।
2. इंदौर में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
इंदौर में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:17 बजे से रात 8:16 बजे तक है।
3. धनतेरस पर किस भगवान की पूजा की जाती है?
इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। भगवान धन्वंतरि को स्वास्थ्य और आयुर्वेद का देवता माना जाता है।
4. धनतेरस क्यों मनाई जाती है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी खुशी में धनतेरस मनाई जाती है।
5. धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य घरेलू सामान खरीदना शुभ माना जाता है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी करते हैं।
6. धनतेरस की पूजा कैसे करनी चाहिए?
इस दिन घर की सफाई करके भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करें। फूल, फल, मिठाई और दीपक अर्पित करके आरती करें।
7. धनतेरस पर यम दीपक क्यों जलाया जाता है?
मान्यता है कि धनतेरस की शाम यमराज के नाम से दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।