इंदौर, 3 नवंबर 2026। diwali 2026 का त्योहार रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा। देशभर में लोग घरों, मंदिरों और बाजारों को दीपों से सजाने की तैयारी कर रहे हैं। इस अवसर पर कई परिवार अलग-अलग शहरों में दिवाली का अनुभव लेने के लिए यात्रा की योजना बना रहे हैं।
भारत में diwali celebrations का अंदाज हर क्षेत्र में अलग है। कहीं घाटों पर दीप जलते हैं, तो कहीं ऐतिहासिक बाजार रंगीन रोशनी से सजते हैं। जानिए सात ऐसे शहरों के बारे में, जहां दिवाली का अनुभव खास हो सकता है।
1. अयोध्या: सरयू किनारे दीपोत्सव का आकर्षण
उत्तर प्रदेश की अयोध्या दिवाली के दौरान प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल रहती है। यहां भगवान राम की अयोध्या वापसी से जुड़ी परंपराओं के अनुसार दीपोत्सव मनाया जाता है।
सरयू नदी के घाटों और शहर के प्रमुख स्थानों पर दीप सजाए जाते हैं। धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी उत्सव का हिस्सा बनती हैं।
राम मंदिर और हनुमानगढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख स्थल हैं। दिवाली के दौरान यहां सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ हो सकती है।
यात्रियों को दर्शन व्यवस्था और स्थानीय यातायात संबंधी निर्देश पहले जांचने चाहिए।
2. वाराणसी: गंगा घाटों पर रोशनी का नजारा
उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर दिवाली पर धार्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। गंगा नदी के किनारे स्थित घाटों पर दीपों की सजावट देखने को मिलती है।
शाम की गंगा आरती यात्रियों के लिए प्रमुख आकर्षण रहती है। मंदिरों और पुराने बाजारों में भी त्योहार की रौनक दिखाई देती है।
दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। हालांकि, दिवाली और देव दीपावली अलग त्योहार हैं।
देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाती है। इसलिए दोनों अवसरों की सजावट और कार्यक्रमों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
3. जयपुर: रोशनी से सजते हैं पुराने बाजार
राजस्थान की राजधानी जयपुर दिवाली के समय रंगीन रोशनी से सजती है। शहर के पुराने बाजार और प्रमुख सड़कें उत्सव का आकर्षण बनते हैं।
जौहरी बाजार और बापू बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ती है। मिठाइयों, कपड़ों और सजावटी सामान की दुकानें त्योहार की तैयारियों में जुटती हैं।
हवा महल और अन्य ऐतिहासिक इमारतों के आसपास का वातावरण भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।
भीड़ के दौरान निजी वाहन से घूमना कठिन हो सकता है। यात्रियों को बाजारों तक पहुंचने के लिए स्थानीय यातायात व्यवस्था देखनी चाहिए।
4. अमृतसर: स्वर्ण मंदिर में रोशनी और प्रार्थना
पंजाब के अमृतसर में दिवाली का धार्मिक महत्व अलग है। यहां सिख परंपरा से जुड़ा बंदी छोड़ दिवस भी मनाया जाता है।
स्वर्ण मंदिर परिसर में रोशनी और धार्मिक कार्यक्रमों का विशेष महत्व रहता है। पवित्र सरोवर में रोशनी का प्रतिबिंब आकर्षक दृश्य बनाता है।
श्रद्धालु गुरुद्वारे में मत्था टेकते हैं और प्रार्थना में भाग लेते हैं। लंगर सेवा भी यहां की प्रमुख परंपरा है।
यात्रियों को परिसर के नियमों का पालन करना चाहिए। सिर ढकना और निर्धारित स्थानों पर जूते उतारना जरूरी है।
5. कोलकाता: दिवाली के साथ काली पूजा
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दिवाली के आसपास काली पूजा का विशेष महत्व है।
शहर में देवी काली की पूजा के लिए पंडाल सजाए जाते हैं। विभिन्न इलाकों में रोशनी और कलात्मक सजावट देखने को मिलती है।
कालीघाट और दक्षिणेश्वर मंदिर धार्मिक यात्रियों के बीच लोकप्रिय हैं। त्योहार के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है।
कोलकाता का यह उत्सव देश की सांस्कृतिक विविधता दिखाता है। यहां दिवाली और काली पूजा की परंपराएं साथ दिखाई देती हैं।
6. उदयपुर: झीलों और महलों के बीच दिवाली
राजस्थान का उदयपुर शांत वातावरण में दिवाली मनाने की योजना बनाने वालों के लिए एक विकल्प है।
शहर की झीलें, महल और पुराने बाजार पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। त्योहार के दौरान कई होटल और सार्वजनिक स्थान रोशनी से सजते हैं।
पिछोला झील और सिटी पैलेस यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। शाम के समय झील किनारे घूमना यात्रियों को पसंद आ सकता है।
हालांकि, किसी विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम की उपलब्धता पहले जांचनी चाहिए। सभी स्थानों पर एक जैसे आयोजन नहीं होते।
7. दिल्ली: बाजारों में त्योहार की हलचल
देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली से पहले खरीदारी और सजावट का दौर तेज होता है।
चांदनी चौक, कनॉट प्लेस और अन्य बाजारों में त्योहार से जुड़ी वस्तुएं मिलती हैं। कई इलाकों में घर और व्यावसायिक परिसर रोशनी से सजते हैं।
यहां मिठाइयों, उपहारों और सजावटी सामान की कई तरह की दुकानें हैं। परिवार खरीदारी के साथ शहर के ऐतिहासिक स्थानों की यात्रा भी कर सकते हैं।
हालांकि, यात्रियों को भीड़ और वायु प्रदूषण संबंधी निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए।
दिवाली 2026 की तारीख और छुट्टियां
diwali 2026 date के अनुसार मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर को होगी। सरकारी कैलेंडर में भी यही तारीख दर्ज है।
diwali 2026 date in india calendar की जानकारी तलाश रहे लोगों को अक्टूबर की तारीखों से भ्रमित नहीं होना चाहिए।
diwali 2026 date in india calendar with holidays के अनुसार गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे पर्व भी इसी अवधि में पड़ते हैं।
हालांकि, स्कूलों और निजी संस्थानों की छुट्टियां अलग हो सकती हैं।
इंदौर से कहां घूमने जा सकते हैं?
इंदौर के यात्री जयपुर, उदयपुर और वाराणसी जैसे शहरों की यात्रा की योजना बना सकते हैं।
places to visit during diwali की सूची में शहर चुनते समय यात्रा का समय और खर्च देखना जरूरी है।
इंदौर से बाहर जाने वाले परिवार ट्रेन, बस और उड़ानों की उपलब्धता पहले जांच सकते हैं।
त्योहार के कारण टिकट और होटल की मांग बढ़ सकती है। इसलिए यात्रा की पुष्टि के बाद ही आगे की बुकिंग करना बेहतर रहेगा।
परिवार के साथ दिवाली कैसे मनाएं?
diwali celebration family के लिए केवल लंबी यात्रा जरूरी नहीं है। परिवार अपने शहर में भी मंदिर दर्शन और सामूहिक पूजा कर सकते हैं।
बच्चों के साथ दीप सजाना और पारंपरिक भोजन तैयार करना भी त्योहार का हिस्सा हो सकता है।
इंदौर में राजवाड़ा और प्रमुख बाजारों के आसपास त्योहार का माहौल देखने को मिल सकता है। हालांकि, किसी विशेष आयोजन की पुष्टि स्थानीय सूचना से करें।
दीप जलाते समय अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखें। भीड़ वाले स्थानों पर बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा को प्राथमिकता दें।
यात्रा से पहले इन बातों की जांच करें
दिवाली के दौरान कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए होटल और परिवहन की बुकिंग पहले जांचना उपयोगी रहेगा।
किसी शहर के उत्सव में शामिल होने से पहले आधिकारिक कार्यक्रम, प्रवेश नियम और स्थानीय यातायात व्यवस्था देखें।
दिवाली 2026 के दौरान अयोध्या, वाराणसी, जयपुर, अमृतसर, कोलकाता, उदयपुर और दिल्ली में अलग-अलग सांस्कृतिक अनुभव मिल सकते हैं। यात्रियों को अपनी रुचि और उपलब्ध समय के अनुसार स्थान चुनना चाहिए।
FAQs
1. Diwali 2026 कब है?
भारत में दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन लक्ष्मी-गणेश पूजा और दीप जलाने की परंपरा है।
2. Diwali 2026 मनाने के लिए भारत की सबसे अच्छी जगहें कौन-सी हैं?
दिवाली मनाने के लिए अयोध्या, वाराणसी, जयपुर, अमृतसर, कोलकाता, उदयपुर और दिल्ली लोकप्रिय स्थान हैं। हर शहर की अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं हैं।
3. अयोध्या में दिवाली क्यों प्रसिद्ध है?
अयोध्या में भगवान राम की वापसी से जुड़ी परंपरा के अनुसार दीपोत्सव मनाया जाता है। सरयू घाट और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दीपों की सजावट मुख्य आकर्षण रहती है।
4. दिवाली पर वाराणसी में क्या खास होता है?
वाराणसी में गंगा आरती, मंदिर दर्शन और घाटों पर दीपों की सजावट देखने को मिलती है। हालांकि, दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली देव दीपावली अलग त्योहार हैं।
5. Diwali 2026 पर परिवार के साथ घूमने के लिए कौन-सा शहर अच्छा है?
परिवार के साथ धार्मिक यात्रा के लिए अयोध्या और वाराणसी अच्छे विकल्प हैं। बाजारों की रौनक के लिए जयपुर और शांत झीलों के वातावरण के लिए उदयपुर चुना जा सकता है।
6. Diwali 2026 में इंदौर से कहां घूमने जा सकते हैं?
इंदौर से यात्री उज्जैन, महेश्वर और ओंकारेश्वर जैसे नजदीकी धार्मिक स्थलों पर जा सकते हैं। लंबी यात्रा के लिए जयपुर, उदयपुर और वाराणसी विकल्प हैं।
7. Diwali 2026 पर क्या सरकारी छुट्टी रहेगी?
दिवाली 8 नवंबर 2026 को रविवार के दिन है। अन्य त्योहारों की छुट्टियां राज्य सरकार, स्कूल और संस्थान के कैलेंडर के अनुसार अलग हो सकती हैं।
8. दिवाली के दौरान यात्रा की बुकिंग कब करनी चाहिए?
दिवाली के दौरान ट्रेनों, उड़ानों और होटलों की मांग बढ़ सकती है। इसलिए यात्रा की तारीख तय होते ही टिकट और ठहरने की उपलब्धता जांचना बेहतर है।