दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 सितंबर को Red Bull को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने FSSAI का वह आदेश रद्द किया, जिसमें कंपनी को “Energy Drink” शब्द हटाने को कहा गया था।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
FSSAI ने 30 जून 2026 को Red Bull के लेबल पर “Energy Drink” लिखने पर आपत्ति जताई थी। कंपनी ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।
कोर्ट ने माना कि आदेश से पहले कंपनी को उचित जवाब देने का मौका नहीं मिला। इसलिए अदालत ने FSSAI का आदेश रद्द कर दिया।
FSSAI फिर ले सकता है फैसला
कोर्ट ने Red Bull को स्थायी छूट नहीं दी है। FSSAI उचित प्रक्रिया अपनाकर मामले में नया फैसला कर सकता है।
इसके लिए कंपनी को शो-कॉज नोटिस देना होगा। Red Bull को अपना पक्ष रखने और सुनवाई का मौका भी मिलेगा।
भारत में Energy Drink बाजार
Red Bull India ने बताया कि वह 2002 से भारत में अपने उत्पाद को इस नाम से बेच रही है। कंपनी ने मार्च 2024 की FSSAI एडवाइजरी का भी हवाला दिया था।
मामला सिर्फ Red Bull तक सीमित नहीं है। FSSAI ने अन्य कैफीन वाले पेय ब्रांड्स के लेबल और दावों पर भी कार्रवाई की है।
ग्राहकों के लिए क्या बदला?
फिलहाल अदालत के फैसले से Red Bull can पर “Energy Drink” शब्द को लेकर तत्काल राहत मिली है। इससे Red Bull drink की पैकेजिंग को लेकर स्थिति साफ हुई है।
हालांकि, fssai energy drinks से जुड़े नियमों पर आगे फैसला ले सकता है। इसलिए fssai certificate, fssai food license या fssai logo से जुड़े दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
समापन: मामले में अगला कदम FSSAI की प्रक्रिया और उसके नए निर्णय पर निर्भर करेगा।
FAQs
Q1. Red Bull मामले में कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
कोर्ट ने FSSAI का 30 जून का आदेश रद्द कर दिया।
Q2. क्या Red Bull अब Energy Drink लिख सकता है?
फिलहाल पुराने आदेश के रद्द होने से कंपनी को राहत मिली है। FSSAI फिर फैसला ले सकता है।
Q3. विवाद किस बात पर था?
विवाद Red Bull के लेबल पर “Energy Drink” शब्द के इस्तेमाल को लेकर था।
Q4. क्या Red Bull पर हमेशा के लिए रोक हट गई?
नहीं। FSSAI उचित प्रक्रिया के बाद नया निर्णय ले सकता है।