इस परियोजना का उद्देश्य वन्यजीवों को सुरक्षित रखते हुए तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। इससे यात्रियों को बेहतर और तेज सफर मिलेगा।
क्या है इस सुरंग की खासियत?
भारत की पहली 8-लेन सुरंग आधुनिक इंजीनियरिंग का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। यह सुरंग टाइगर रिजर्व के नीचे बनाई गई है ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक मार्ग प्रभावित न हों।
सुरंग में सुरक्षा, निगरानी और आपातकालीन सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को मिलेगा बड़ा फायदा
यह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके शुरू होने से यात्रा समय कम होगा और सड़क संपर्क बेहतर होगा।
परियोजना से माल परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वन्यजीव संरक्षण पर विशेष ध्यान
परियोजना के दौरान पर्यावरणीय मानकों का पालन किया गया। सुरंग का निर्माण इस तरह किया गया है कि टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
विशेषज्ञ इसे विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का उदाहरण मान रहे हैं।
महत्वपूर्ण बातें
उद्घाटन: 20 जून 2026
भारत की पहली 8-लेन सुरंग
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा
टाइगर रिजर्व के नीचे निर्मित
यात्रा समय और कनेक्टिविटी में सुधार
आगे क्या?
सुरंग शुरू होने के बाद एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह मार्ग देश के प्रमुख परिवहन कॉरिडोर में शामिल होगा।