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इंदौर में 600 किलो मावा-मिल्क केक की बिक्री पर रोक, 10 दुकानें जांच के दायरे में

दीपावली से पहले इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई और मावा कारोबारियों के खिलाफ जांच अभियान चलाया। रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग में कंचन श्री ब्रांड के मिल्क केक और मीठे मावे का करीब 600 किलो स्टॉक मिला, जिसकी बिक्री लैब रिपोर्ट आने तक प्रतिबंधित कर दी गई। पीपली बाजार के 10 मावा प्रतिष्ठानों में भी रैपिड टेस्टिंग की गई।

ई-इंदौर डेस्क 07 Nov 2026 17 बार देखा गया Indore
इंदौर में 600 किलो मावा-मिल्क केक की बिक्री पर रोक, 10 दुकानें जांच के दायरे में

इंदौर में 600 किलो मावा-मिल्क केक की बिक्री पर रोक, 10 दुकानें जांच के दायरे में  |  ई-इंदौर फोटो

Indore Food Safety News: दीपावली के त्योहार से पहले इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिठाई और मावा कारोबारियों के यहां जांच अभियान तेज कर दिया है। कार्रवाई के दौरान रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग पर कंचन श्री ब्रांड के मिल्क केक और मीठे मावे का करीब 600 किलोग्राम स्टॉक मिला। विभाग ने दोनों उत्पादों के नमूने लेकर लैब रिपोर्ट आने तक उनकी बिक्री पर रोक लगा दी है।

इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम ने पीपली बाजार के 10 मावा प्रतिष्ठानों में रैपिड टेस्ट किट से प्राथमिक जांच की। एयरपोर्ट क्षेत्र की मिठाई दुकानों और महेश नगर स्थित सुदानी कैटर्स के यहां भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई।

मुख्य घटना

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने 5 और 6 नवंबर 2026 को इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में मिठाई दुकानों, मावा प्रतिष्ठानों और खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान पीपली बाजार स्थित मावा बाजार के 10 प्रतिष्ठानों में मौके पर रैपिड टेस्टिंग की गई।

जांच के दायरे में आए प्रतिष्ठानों में श्रीनाथ मावा भंडार, रामू मावा भंडार, रतनलाल मावा भंडार, श्री जी मावा भंडार, ओम मावा भंडार, शंकरलाल मावा भंडार, अग्रवाल मावा भंडार, रामजी मावा भंडार, रामजी महाराज और खंडेलवाल मावा भंडार शामिल हैं।

इसी अभियान के दौरान रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग पर कंचन श्री ब्रांड के मिल्क केक और मीठे मावे के नमूने लिए गए। यहां दोनों उत्पादों का करीब 600 किलो स्टॉक उपलब्ध था। खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट आने तक इस स्टॉक की बिक्री प्रतिबंधित कर दी।

पृष्ठभूमि

दीपावली के दौरान मिठाइयों और मावे की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर में निरीक्षण अभियान चलाया है।

मावा, पेड़ा, मिल्क केक और दूसरी मिठाइयों की गुणवत्ता जांचना इस अभियान का हिस्सा है। विभाग की टीम दुकानों में खाद्य पदार्थों की स्थिति, साफ-सफाई और रखरखाव पर भी ध्यान दे रही है।

यह कार्रवाई त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है।

प्रशासन की कार्रवाई

खाद्य विभाग की टीम ने पीपली बाजार के 10 मावा प्रतिष्ठानों में रैपिड टेस्ट किट से प्राथमिक जांच की। इसके अलावा एयरपोर्ट क्षेत्र की मिठाई दुकानों और महेश नगर में संचालित सुदानी कैटर्स के यहां भी खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच की गई।

शिप्रा स्थित माय श्री नाश्ता पॉइंट एवं आइसक्रीम का निरीक्षण करते हुए विभाग ने मीठा मावा, मावा, गुपचुप, केसर पेड़ा, मिल्क केक और सफेद पेड़ा के कुल छह नमूने लिए। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कारोबारियों को दुकानों में साफ-सफाई रखने, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देने और खाद्य पदार्थों को ढककर रखने के निर्देश दिए हैं। मिठाइयों में निर्धारित मानकों के अनुसार ही खाद्य रंग और चांदी के वर्क का उपयोग करने को भी कहा गया है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि 600 किलो स्टॉक की बिक्री पर रोक लैब रिपोर्ट आने तक लगाई गई है। अभी इसे मिलावटी या असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।

अब आगे क्या होगा

खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब सभी एकत्रित नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आने वाले समय में इन बिंदुओं पर नजर रहेगी:

  • 600 किलो मावा और मिल्क केक की लैब रिपोर्ट में क्या सामने आता है।

  • जांच के लिए भेजे गए अन्य मिठाई और खाद्य पदार्थों के नमूनों का परिणाम क्या रहता है।

  • खाद्य विभाग की ओर से अन्य दुकानों और प्रतिष्ठानों में निरीक्षण जारी रहता है या नहीं।

  • नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

रिपोर्ट आने तक प्रतिबंधित स्टॉक की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

जनता पर प्रभाव

दीपावली के दौरान लोग बड़ी मात्रा में मावा, मिल्क केक, पेड़ा और दूसरी मिठाइयां खरीदते हैं। ऐसे में खाद्य विभाग की जांच से बाजार में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने में मदद मिलती है।

उपभोक्ताओं को भी मिठाई खरीदते समय कुछ सावधानियां रखनी चाहिए:

  • साफ-सुथरी और विश्वसनीय दुकानों से मिठाई खरीदें।

  • पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण और समाप्ति की तारीख देखें।

  • खुले खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक बिना ढके रखने वाली दुकानों से बचें।

  • मिठाई की गुणवत्ता पर संदेह होने पर खाद्य विभाग को शिकायत करें।

हालांकि, किसी दुकान या उत्पाद को केवल संदेह के आधार पर मिलावटी नहीं मानना चाहिए। इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट से ही होगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • कार्रवाई की तारीख: 5 और 6 नवंबर 2026

  • स्थान: इंदौर

  • प्रतिबंधित स्टॉक: करीब 600 किलोग्राम

  • प्रतिष्ठान: श्री बालाजी ट्रेडिंग, रिंग रोड

  • उत्पाद: कंचन श्री ब्रांड का मिल्क केक और मीठा मावा

  • बिक्री पर रोक: लैब रिपोर्ट आने तक

  • पीपली बाजार में जांच: 10 मावा प्रतिष्ठान

  • शिप्रा में लिए गए नमूने: छह खाद्य पदार्थ

  • आगे की कार्रवाई: प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. इंदौर में कितने किलो मावा और मिल्क केक की बिक्री पर रोक लगी है?

रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग में मिले करीब 600 किलो कंचन श्री ब्रांड के मिल्क केक और मीठे मावे की बिक्री पर रोक लगाई गई है।

2. खाद्य विभाग ने कितनी मावा दुकानों की जांच की?

पीपली बाजार के 10 मावा प्रतिष्ठानों में रैपिड टेस्ट किट से प्राथमिक जांच की गई।

3. क्या 600 किलो मावा और मिल्क केक मिलावटी पाया गया है?

अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने नमूने लेकर लैब में भेजे हैं और रिपोर्ट आने तक स्टॉक की बिक्री प्रतिबंधित की है।

4. लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर क्या होगा?

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समापन

दीपावली से पहले इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई मिठाई और मावा बाजार की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। करीब 600 किलो मावा और मिल्क केक की बिक्री पर लैब रिपोर्ट आने तक रोक लगाई गई है, जबकि पीपली बाजार की 10 दुकानों में प्राथमिक जांच की गई। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर रहेगी, जिसके आधार पर विभाग आगे का फैसला करेगा।

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