इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में महिला कारोबारी से लोन के नाम पर धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। इस fraud news में महिला ने दो लोगों पर फर्जीवाड़े, मारपीट और बदनाम करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने नामजद केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
₹6 लाख का लोन, खाते से निकले ₹1.50 लाख
मॉडल विलेज कॉलोनी की महिला कॉस्मेटिक दुकान चलाती है। कारोबार बढ़ाने के लिए उसने बैंक से ₹6 लाख का लोन लिया था।
महिला के मुताबिक, कुंदन राजोरिया और राखी सोनी ने लोन दिलाने में मदद की। आरोप है कि 9 जुलाई को उसके खाते से बिना अनुमति ₹1.50 लाख ट्रांसफर हुए।
14 जुलाई को पासबुक अपडेट कराने पर उसे लेनदेन की जानकारी मिली।
कमीशन के नाम पर ₹1.90 लाख वसूले
पीड़िता का आरोप है कि कुंदन ने लोन दिलाने के बदले ₹1.90 लाख कमीशन मांगा। महिला ने दबाव में रकम नकद देने की बात कही।
23 जुलाई को बैंक जाने पर पता चला कि रकम बैंक ऑफ इंडिया के खाते में भेजी गई थी। महिला ने दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर करने का भी आरोप लगाया।
शिकायत के बाद 27 अगस्त को ₹1.50 लाख उसके खाते में वापस आए।
घर पहुंचकर मारपीट और धमकी
महिला के अनुसार, 25 अगस्त को आरोपी उसके घर पहुंचा। वीडियो बनाने पर उसने महिला और उसके भाई से मारपीट की।
आरोप है कि उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप
महिला का कहना है कि आरोपी उसकी दुकान की तस्वीरें लेकर आपत्तिजनक स्टेटस पोस्ट कर रहा था।
इन तस्वीरों को परिचितों तक पहुंचाकर उसकी छवि खराब करने का आरोप है। पीड़िता ने रविवार को दोबारा fraud case complaint दर्ज कराई।
पुलिस ने दूसरी FIR दर्ज की
द्वारकापुरी पुलिस ने कुंदन राजोरिया और राखी सोनी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है।
इस fraud news में पुलिस वित्तीय लेनदेन और सोशल मीडिया पर प्रताड़ना के आरोपों की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश जारी है।
FAQs
1. इंदौर में लोन धोखाधड़ी का मामला कहां सामने आया?
मामला द्वारकापुरी थाना क्षेत्र की मॉडल विलेज कॉलोनी से जुड़ा है।
2. महिला कारोबारी ने कितनी रकम की धोखाधड़ी का आरोप लगाया?
महिला ने ₹1.50 लाख के अनधिकृत ट्रांसफर और ₹1.90 लाख कमीशन वसूली का आरोप लगाया है।
3. इस मामले में किन लोगों के नाम सामने आए हैं?
पुलिस ने कुंदन राजोरिया और राखी सोनी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है।
4. क्या महिला के खाते में पैसे वापस आए?
रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत के बाद 27 अगस्त को ₹1.50 लाख उसके खाते में वापस आए।
5. क्या आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है?
19 अक्टूबर की उपलब्ध रिपोर्ट में गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और तलाश जारी है।
6. लोन धोखाधड़ी की शिकायत कहां करें?
पीड़ित बैंक और नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत कर सकते हैं। ऑनलाइन वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।