इंदौर में indore metro project के तहत प्रस्तावित भूमिगत मार्ग को लेकर विरोध जारी है। रविवार रात रहवासियों ने बंगाली चौराहे से कैंडल मार्च निकाला।
महावीर नगर, गोयल नगर, साईनाथ कॉलोनी और तिलक नगर के लोग मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने रिहायशी क्षेत्रों से मेट्रो नहीं निकालने की मांग की।
रिहायशी इलाके से रूट बदलने की मांग
प्रस्तावित underground metro बंगाली चौराहे से रीगल तक बनाई जानी है। रहवासियों ने रूट को लेकर अपनी चिंताएं अधिकारियों के सामने रखीं।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मेट्रो कार्यालय के बाहर दीप जलाए। इसके बाद कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया गया।
रहवासियों का कहना है कि मार्ग तय करने से पहले उनसे संवाद होना चाहिए। उन्होंने वैकल्पिक रूट पर विचार करने की मांग भी रखी।
पहले भी हो चुका है विरोध
इस मुद्दे पर सितंबर में भी रहवासी प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय 300 से ज्यादा लोगों ने बंगाली चौराहे पर विरोध जताया था।
रहवासियों ने पुराने मकानों और बोरिंग को लेकर चिंता जताई थी। उनका सुझाव था कि सुरंग सड़क के नीचे से निकाली जाए।
मेट्रो मार्ग पर क्या है विवाद?
सितंबर में अधिकारियों ने बताया था कि मार्ग कैबिनेट और जनप्रतिनिधियों की सहमति से तय हुआ। महापौर ने नुकसान होने पर मुआवजे की बात कही थी।
वर्तमान में underground metro station और सुरंग से जुड़े रूट को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्तियां बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा?
रहवासियों ने अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी और संवाद की मांग की है। फिलहाल indore metro project के इस हिस्से को लेकर स्थानीय विरोध जारी है।
समापन: स्थानीय रहवासियों ने मेट्रो मार्ग को लेकर अधिकारियों से संवाद और वैकल्पिक विकल्पों पर विचार की मांग रखी।
FAQ
1. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का विरोध क्यों हो रहा है?
रहवासी भूमिगत मेट्रो को रिहायशी क्षेत्रों से निकालने का विरोध कर रहे हैं।
2. कैंडल मार्च कहां निकाला गया?
मार्च बंगाली चौराहे पर निकाला गया।
3. अंडरग्राउंड मेट्रो का प्रस्तावित मार्ग क्या है?
बंगाली चौराहे से रीगल तक भूमिगत मेट्रो प्रस्तावित है।
4. रहवासियों की मुख्य मांग क्या है?
वे रिहायशी क्षेत्रों से रूट हटाने और वैकल्पिक मार्ग पर विचार चाहते हैं।