इंदौर लोड हो रहा है... 646,232 विज़िटर्स
ई-इंदौर लोगो
होम / Indore / इंदौर में सफाई कर्मचारियों की 5 दिन की हड़ताल शुरू, नियमि…
Indore

इंदौर में सफाई कर्मचारियों की 5 दिन की हड़ताल शुरू, नियमितीकरण समेत कई मांगों पर प्रदर्शन

इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान काम-समान वेतन और अन्य मांगों को लेकर पांच दिन की हड़ताल शुरू की है। कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम शुरू किए हैं।

ई-इंदौर डेस्क 06 Oct 2026 29 बार देखा गया Indore
इंदौर में सफाई कर्मचारियों की 5 दिन की हड़ताल शुरू, नियमितीकरण समेत कई मांगों पर प्रदर्शन

इंदौर में सफाई कर्मचारियों की 5 दिन की हड़ताल शुरू, नियमितीकरण समेत कई मांगों पर प्रदर्शन  |  ई-इंदौर फोटो

इंदौर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने नियमितीकरण और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर पांच दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और परिसर में धरना देकर नारेबाजी की।

कर्मचारियों ने पहले ही निगम प्रशासन को काम बंद करने की सूचना दी थी। आंदोलन जारी रहने की स्थिति में शहर की सफाई और कचरा संग्रहण व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था से सफाई कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य घटना

सोमवार को सुबह करीब 11:30 बजे से सफाई कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय पहुंचने लगे। कर्मचारी निगमायुक्त कार्यालय के बाहर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों की मांग थी कि निगमायुक्त स्वयं बाहर आकर उनका ज्ञापन लें।

प्रदर्शन के दौरान महिला सफाई मित्रों ने भी विरोध जताया। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ महिलाओं ने अधिकारियों के कक्ष के गेट पर चूड़ियां फेंककर अपना विरोध दर्ज कराया। मौके पर पुलिस बल भी पहुंचा था।

कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर निगम प्रशासन और महापौर को आवेदन व ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला।

सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। इसके अलावा समान काम के लिए समान वेतन और नए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग भी उठाई गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारियों ने निम्न मांगें रखी हैं:

  • सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।

  • पांच हजार नए कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की जाए।

  • समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।

  • मेडिकल आधार पर कर्मचारियों के परिवार के सदस्य को नियुक्ति दी जाए।

  • एनजीओ प्रथा समाप्त की जाए।

  • विनियमित कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से स्थायी माना जाए।

  • ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति दी जाए।

  • दीपावली पर एक अतिरिक्त वेतन दिया जाए।

इसके अलावा कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित सेवा लाभ, वेतन और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं।

पृष्ठभूमि

सफाई कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा पहले भी नगर निगम स्तर पर उठ चुका है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 24 अगस्त 2026 को सफाई और निगम कर्मचारियों की मांगों को लेकर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इन निर्देशों में 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी और सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए शासन को पत्र भेजने की बात शामिल थी। शैक्षणिक योग्यता के कारण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समान वेतन-भत्तों से वंचित कर्मचारियों के मामले में भी नियमों में शिथिलता की सिफारिश करने के निर्देश दिए गए थे।

कर्मचारियों का आरोप है कि इन निर्देशों के बावजूद उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया।

प्रशासन की कार्रवाई

नगर निगम ने हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक सफाई व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को निगम के उपलब्ध अतिरिक्त कर्मचारियों से सफाई कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, हड़ताल जारी रहने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।

निगम की ओर से यह भी कहा गया है कि निगम स्तर पर जिन मांगों का समाधान संभव है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। काम पर लौटने वाले कर्मचारियों से संबंधित आवेदनों पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।

अब आगे क्या होगा

कर्मचारियों ने पांच दिन तक हड़ताल जारी रखने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार से कर्मचारी रीगल तिराहे पर धरना देने की रणनीति बना रहे हैं।

अब नगर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत इस आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकती है। फिलहाल कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम समाधान की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

जनता पर प्रभाव

यदि बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी काम से दूर रहते हैं तो शहर में कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसका असर खास तौर पर उन क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है जहां नियमित सफाई और कचरा उठाने के लिए निगम कर्मचारियों पर निर्भरता अधिक है।

निगम द्वारा वैकल्पिक कर्मचारियों की मदद लेने की तैयारी की गई है, इसलिए आने वाले दिनों में वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि वैकल्पिक व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने पांच दिन की हड़ताल शुरू की है।

  • नियमितीकरण कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल है।

  • समान काम-समान वेतन की मांग भी उठाई गई है।

  • कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।

  • महिला सफाई मित्रों ने भी प्रदर्शन के दौरान विरोध दर्ज कराया।

  • निगम ने वैकल्पिक सफाई व्यवस्था की तैयारी शुरू की है।

  • महापौर ने अगस्त 2026 में कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. इंदौर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कितने दिन की है?

सफाई कर्मचारी पांच दिन की हड़ताल पर हैं।

प्रश्न 2. सफाई कर्मचारी हड़ताल क्यों कर रहे हैं?

नियमितीकरण, समान काम-समान वेतन, स्थायी नियुक्ति और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं।

प्रश्न 3. क्या हड़ताल से इंदौर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी?

हड़ताल लंबे समय तक जारी रहने पर सफाई और कचरा संग्रहण प्रभावित हो सकता है। निगम ने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी की है।

प्रश्न 4. क्या निगम ने कर्मचारियों की मांगों पर पहले कार्रवाई की थी?

महापौर ने 24 अगस्त 2026 को नियमितीकरण, वेतन-भत्तों, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य मुद्दों पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

समापन

इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की पांच दिन की हड़ताल नियमितीकरण और सेवा संबंधी मांगों को लेकर शुरू हुई है। कर्मचारियों के आंदोलन के बीच निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम शुरू किए हैं। अब कर्मचारियों और निगम प्रशासन के बीच समाधान की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

पर वापस जाएंIndore