इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढों और खराब रखरखाव को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने NHAI के इंदौर स्थित प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी को सड़क से जुड़ी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट और भविष्य में बेहतर रखरखाव की योजना भी पेश करनी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2026 को होगी। खास बात यह है कि याचिकाकर्ता ने बायपास पर टोल वसूली रोकने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने फिलहाल टोल बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया है।
बायपास पर गड्ढे, जलभराव और जर्जर सर्विस रोड की शिकायत
इंदौर-देवास बायपास की स्थिति को लेकर MAATR फाउंडेशन की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में सड़क के रखरखाव में लापरवाही का मुद्दा उठाया गया।
याचिकाकर्ता के अनुसार, बायपास के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे हैं। सड़क असमतल और फिसलन भरी हो गई है। बारिश या पानी जमा होने की स्थिति में वाहन चालकों को परेशानी और हादसों का खतरा रहता है।
याचिका में इन समस्याओं का भी उल्लेख किया गया:
सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे।
जलभराव और जाम नालियां।
सड़क के आसपास खराब दृश्यता।
पुलों और पुलियाओं में दरारें।
खराब हालत में सर्विस रोड।
जर्जर अंडरपास और सड़क के असमतल हिस्से।
याचिकाकर्ता ने इन शिकायतों के समर्थन में सड़क की तस्वीरें भी अदालत में पेश कीं।
टोल वसूली बंद करने की मांग, लेकिन कोर्ट ने नहीं दिया आदेश
MAATR फाउंडेशन की ओर से अदालत में मांग की गई कि जब तक बायपास का उचित रखरखाव सुनिश्चित नहीं होता, तब तक टोल वसूली रोक दी जाए।
याचिकाकर्ता का तर्क था कि NHAI वाहन चालकों से टोल वसूल रहा है, लेकिन सड़क की स्थिति सुधारने और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने फिलहाल टोल वसूली बंद करने का आदेश नहीं दिया है। अदालत का मुख्य निर्देश सड़क की शिकायतों का समाधान करने और NHAI से जवाबदेही तय करने को लेकर है।
NHAI के जवाब पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ में हुई थी। सुनवाई के दौरान NHAI की ओर से याचिका की सुनवाई योग्य होने और याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठाए गए।
इस पर अदालत ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सड़क के रखरखाव और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जवाब देने के बजाय याचिकाकर्ता की पात्रता पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि NHAI वास्तविक स्थिति का सामना करने से बचने का प्रयास कर रहा है।
22 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर
हाईकोर्ट ने NHAI के इंदौर स्थित प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे बायपास से जुड़ी शिकायतों का निराकरण करें और अगली सुनवाई तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
अधिकारी को 22 दिसंबर 2026 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह भी बताना होगा कि भविष्य में बायपास का नियमित और प्रभावी रखरखाव किस तरह किया जाएगा।
वाहन चालकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
इंदौर-देवास बायपास से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सड़क पर गड्ढे, जलभराव, खराब सर्विस रोड और अंडरपास की समस्याएं वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।
खराब सड़क की स्थिति से वाहन चलाने में कठिनाई, ट्रैफिक और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से याचिका में सड़क सुरक्षा और रखरखाव के मुद्दे उठाए गए हैं।
अब लोगों की नजर 22 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर रहेगी। उस दिन NHAI की ओर से सड़क की स्थिति सुधारने के लिए उठाए गए कदमों और भविष्य की योजना पर जवाब दिया जाना है।
अब आगे क्या होगा?
अगली सुनवाई में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को अदालत के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना है। उन्हें यह जानकारी देनी होगी कि बायपास पर बताई गई समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।
इसके साथ ही सड़क के नियमित रखरखाव, सर्विस रोड, नालियों और अन्य समस्याओं के समाधान की भविष्य की योजना भी पेश करनी होगी।
फिलहाल टोल वसूली जारी रहेगी, क्योंकि हाईकोर्ट ने इसे रोकने का आदेश नहीं दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. इंदौर-देवास बायपास मामले में हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
हाईकोर्ट ने NHAI के इंदौर प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सड़क की शिकायतों पर कार्रवाई की रिपोर्ट और भविष्य की रखरखाव योजना देने के निर्देश दिए हैं।
2. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को कब कोर्ट में पेश होना है?
अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
3. क्या इंदौर-देवास बायपास पर टोल वसूली बंद होगी?
फिलहाल नहीं। याचिकाकर्ता ने टोल वसूली रोकने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है।
4. बायपास की सड़क को लेकर क्या शिकायतें की गई हैं?
याचिका में गड्ढे, जलभराव, जाम नालियां, पुलों में दरारें, खराब सर्विस रोड और जर्जर अंडरपास जैसी समस्याएं उठाई गई हैं।
समापन
इंदौर-देवास बायपास की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती ने सड़क रखरखाव और वाहन चालकों की सुरक्षा का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। अब NHAI को अदालत में बताना होगा कि मौजूदा शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में सड़क की स्थिति बेहतर रखने के लिए क्या योजना है।
22 दिसंबर 2026 की सुनवाई में इस मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। इंदौर की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों और indore live अपडेट के लिए eIndore.com पर बने रहें।