इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
मेघालय सरकार ने जमानत को चुनौती दी
मेघालय सरकार ने सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। राज्य सरकार ने कहा कि जमानत तकनीकी आधार पर मिली थी।
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दस्तावेज में कानूनी धारा लिखने में हुई गलती को आधार नहीं बनाया जा सकता।
बचाव पक्ष ने रखी अपनी दलील
सोनम के वकील ने जमानत बरकरार रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में 94 गवाह हैं, लेकिन अभी चार गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं।
बचाव पक्ष ने कहा कि सोनम सभी जमानत शर्तों का पालन कर रही हैं। उन्होंने फरार होने की आशंका से भी इनकार किया।
सोनम ने खुद को निर्दोष बताया है। उनके अनुसार, अभियोजन का मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।
अब क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। इसके बाद वह दोबारा जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया अपना सकती हैं।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की सुनवाई अभी जारी है। अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट में सबूतों और गवाहों की जांच के बाद होगा।