भस्म आरती में दिखा विशेष स्वरूप
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 25 सितंबर को anant chaturdashi decoration देखने को मिला। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को गणेश स्वरूप में सजाया गया।
सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खुले। इसके बाद जलाभिषेक और पंचामृत पूजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती के दर्शन किए।
रजत चंद्र और मुकुट से सजा दरबार
श्रृंगार में चांदी का मुकुट, रजत चंद्र, त्रिशूल और आभूषण शामिल रहे। भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा।
यह anant chaturdashi decoration अनंत चतुर्दशी के धार्मिक महत्व से जुड़ा विशेष आयोजन रहा। कई श्रद्धालु रात से ही दर्शन के लिए कतार में पहुंचे थे।
आरती के प्रमुख समय
भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक हुई। इसके अलावा दध्योदक, भोग, संध्या और शयन आरती का भी समय निर्धारित रहा।
श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण
महाकालेश्वर मंदिर में होने वाला विशेष श्रृंगार उज्जैन दर्शन का प्रमुख आकर्षण रहता है। अनंत चतुर्दशी पर गणेश स्वरूप ने भक्तों का ध्यान खींचा।
FAQ
1. बाबा महाकाल को किस स्वरूप में सजाया गया?
उत्तर: बाबा महाकाल को गणेश स्वरूप में सजाया गया।
2. भस्म आरती कब हुई?
उत्तर: भस्म आरती सुबह 4 बजे से शुरू हुई।
3. श्रृंगार में क्या खास रहा?
उत्तर: रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया।