पतंजलि की जमीन को लेकर इंदौर में बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) ने उन औद्योगिक भूखंडों की समीक्षा तेज कर दी है, जिनका लंबे समय तक उपयोग नहीं हुआ। इसी प्रक्रिया में पतंजलि की जमीन भी जांच के दायरे में आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि आवंटन की शर्तों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
क्यों हो रही है जमीन की समीक्षा?
MPIDC ने ऐसे कई औद्योगिक प्लॉट चिन्हित किए हैं, जहां तय समय के भीतर उद्योग शुरू नहीं हुए या भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में आवंटन रद्द कर जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसी कारण कई भूखंडों के साथ पतंजलि को आवंटित जमीन की भी समीक्षा की जा रही है।
शर्तों के आधार पर होगा फैसला
अधिकारियों के अनुसार, हर मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है। यदि कोई उद्योग लीज की शर्तों का पालन नहीं करता या परियोजना शुरू नहीं करता, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। अंतिम निर्णय दस्तावेजों, परियोजना की प्रगति और अनुबंध की शर्तों के आधार पर लिया जाएगा।
औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस
MPIDC का कहना है कि निष्क्रिय औद्योगिक भूमि को दोबारा उपयोग में लाना प्राथमिकता है। यदि कोई भूखंड लंबे समय तक खाली रहता है, तो उसे नए निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है। इससे नए उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
फिलहाल समीक्षा प्रक्रिया जारी है। संबंधित कंपनियों को नोटिस देकर उनका पक्ष भी लिया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद तय होगा कि जमीन का आवंटन बरकरार रहेगा या उसे वापस लेकर नए उद्योग को दिया जाएगा।