Indore Voter ID News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 25 अक्टूबर 2026 को नर्मदा नदी किनारे 343 voter id कार्ड मिले। शुरुआती जानकारी में अधिकांश कार्ड इंदौर के राऊ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं। घटना के बाद कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग की।
प्रशासन ने कार्ड जब्त कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पहचान पत्र नदी किनारे कैसे पहुंचे।
सफाई के दौरान सामने आया मामला
रविवार सुबह मंडलेश्वर के नर्मदा घाट पर निस्वार्थ सेवा समिति सफाई अभियान चला रही थी। इसी दौरान सदस्यों को पानी और किनारे पर मतदाता पहचान पत्र दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों ने कार्ड एकत्र किए और प्रशासन को सूचना दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।
प्रारंभिक जानकारी में कई कार्डों पर इंदौर के पते मिले हैं। इनमें राऊ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के नाम शामिल बताए गए हैं।
कांग्रेस ने थाने पहुंचकर उठाए सवाल
घटना के बाद खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नायक कार्यकर्ताओं के साथ मंडलेश्वर थाने पहुंचे।
congress protest के दौरान कार्यकर्ताओं ने FIR दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि इंदौर के मतदाता पहचान पत्र खरगोन कैसे पहुंचे। पार्टी ने नदी में गोताखोरों से तलाशी कराने की मांग भी रखी।
कांग्रेस ने चुनावी अनियमितता की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने कार्ड जब्त किए
महेश्वर एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने मामले की जांच के लिए अधिकारियों को भेजा।
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और पहचान पत्र जब्त किए।
मंडलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला के अनुसार, पुलिस को कांग्रेस की शिकायत मिली है। थाना प्रभारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राऊ विधानसभा से क्या संबंध?
शुरुआती जानकारी में अधिकांश पहचान पत्र इंदौर की राऊ विधानसभा से संबंधित बताए गए हैं।
कुछ कार्डों पर तिलक नगर और आस्था पैलेस जैसे क्षेत्रों के पते होने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन अब कार्डों की वास्तविकता और संबंधित मतदाताओं की जानकारी जांचेगा।
नर्मदा घाट तक कैसे पहुंचे पहचान पत्र?
घटना खरगोन जिले के मंडलेश्वर स्थित narmada ghat की है। यहां नर्मदा नदी किनारे सफाई के दौरान दस्तावेज मिले।
narmada nadi के किनारे पहचान पत्र मिलने से उनके सुरक्षित रखरखाव पर सवाल उठे हैं।
फिलहाल किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। जांच से पता चलेगा कि कार्ड वहां कब और कैसे पहुंचे।
अब आगे क्या होगा?
पुलिस और प्रशासन दस्तावेजों की जांच करेंगे। संबंधित मतदाताओं और कार्ड जारी होने के रिकॉर्ड का सत्यापन भी महत्वपूर्ण रहेगा।
जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल 343 कार्ड मिलने की जानकारी सामने आई है। अंतिम संख्या और घटना की पूरी परिस्थितियां आधिकारिक जांच के बाद स्पष्ट होंगी।
FAQs
1. नर्मदा नदी में कितने Voter ID कार्ड मिले हैं?
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी किनारे 343 voter id कार्ड मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई कार्ड इंदौर के मतदाताओं से जुड़े बताए गए हैं।
2. नर्मदा नदी में वोटर आईडी कार्ड कहां मिले?
25 अक्टूबर 2026 को खरगोन जिले के मंडलेश्वर स्थित नर्मदा घाट पर सफाई अभियान के दौरान मतदाता पहचान पत्र मिले।
3. क्या सभी वोटर आईडी कार्ड इंदौर के हैं?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, अधिकांश कार्ड इंदौर के राऊ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं। सभी कार्डों की वास्तविकता और पते की जांच जारी है।
4. नर्मदा नदी में वोटर आईडी कार्ड कैसे पहुंचे?
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मतदाता पहचान पत्र नदी किनारे कैसे पहुंचे। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
5. कांग्रेस ने वोटर आईडी मामले में क्या मांग की है?
कांग्रेस ने मामले में FIR दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
6. क्या वोटर आईडी कार्ड मिलने से चुनावी गड़बड़ी की पुष्टि हुई है?
नहीं। कांग्रेस ने चुनावी अनियमितता की आशंका जताई है, लेकिन अभी किसी चुनावी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।