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MP में कन्यादान योजना का बड़ा घोटाला, 5,923 फर्जी शादियों से ₹30.18 करोड़ की हेराफेरी

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 5,923 कथित फर्जी शादियों के जरिए ₹30.18 करोड़ की सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में पूर्व जनपद पंचायत CEO शोभित त्रिपाठी से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई की है। जांच में विवाह रिकॉर्ड, लाभार्थियों के विवरण और भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की पड़ताल की जा रही है।

ई-इंदौर डेस्क 31 Oct 2026 18 बार देखा गया Madhya Pradesh
MP में कन्यादान योजना का बड़ा घोटाला, 5,923 फर्जी शादियों से ₹30.18 करोड़ की हेराफेरी

MP में कन्यादान योजना का बड़ा घोटाला, 5,923 फर्जी शादियों से ₹30.18 करोड़ की हेराफेरी  |  ई-इंदौर फोटो

kanyadan yojna: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कन्यादान योजना के तहत ₹30.18 करोड़ के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5,923 संदिग्ध विवाह प्रकरणों की जांच के बीच ₹5.37 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। मामला सिरोंज जनपद पंचायत से जुड़ा है।

पूर्व CEO और सहयोगी पर कार्रवाई

ED ने सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू से जुड़ी संपत्तियां कुर्क की हैं।

जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है। संपत्तियों की कुल कीमत करीब ₹5.37 करोड़ बताई गई है।

5,923 विवाह प्रकरणों में गड़बड़ी का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच कथित अनियमितताएं हुईं।

इस दौरान 5,923 संदिग्ध विवाह सहायता प्रकरणों में लगभग ₹30.18 करोड़ स्वीकृत और वितरित किए गए।

योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता का प्रावधान था।

फर्जी दस्तावेजों से निकाली गई राशि

ED की जांच के अनुसार, अपात्र लोगों के नाम पर फर्जी आवेदन और दस्तावेज तैयार किए गए।

इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोले गए। सरकारी सहायता की रकम जमा होने के बाद अलग-अलग किस्तों में नकद निकाली गई।

जांच में कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी संदिग्ध भुगतान होने की बात सामने आई है। उस समय सार्वजनिक विवाह आयोजनों पर प्रतिबंध लागू थे।

सितंबर में हुई थी गिरफ्तारी

भोपाल के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने मामले में FIR दर्ज की थी। इसी आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

जांच एजेंसी ने शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह न्यायिक हिरासत में हैं।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

ED अब कथित अवैध धन के इस्तेमाल और उससे जुड़ी संपत्तियों की जांच आगे बढ़ा रही है।

इस mp news मामले में संपत्ति कुर्की जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। आरोपों पर अंतिम कानूनी निर्णय अदालत की कार्यवाही के बाद होगा।

समापन: विदिशा के कन्यादान योजना मामले में ₹30.18 करोड़ की कथित हेराफेरी की जांच जारी है। ED ने अब तक ₹5.37 करोड़ की संपत्तियों पर अस्थायी कुर्की की कार्रवाई की है।

FAQs

1. MP Kanyadan Yojna Scam क्या है?

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 5,923 कथित फर्जी विवाह प्रकरणों के जरिए ₹30.18 करोड़ की सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।

2. कन्यादान योजना घोटाला किस जिले में हुआ?

यह मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की सिरोंज जनपद पंचायत से जुड़ा है। जांच में वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच कथित अनियमितताओं की बात सामने आई है।

3. कन्यादान योजना घोटाले में कितनी राशि की हेराफेरी हुई?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, लगभग ₹30.18 करोड़ की सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का आरोप है।

4. कन्यादान योजना घोटाले में ED ने क्या कार्रवाई की?

ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग ₹5.37 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।

5. कन्यादान योजना घोटाले में मुख्य आरोपी कौन है?

मामले में सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू के नाम सामने आए हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।

6. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलती थी?

संबंधित अवधि में पात्र निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता का प्रावधान था।


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