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Ujjain News: श्राद्ध 2026 में खुलेंगी पुरानी वंशावलियां, सिद्धवट पर तर्पण की खास परंपरा

श्राद्ध 2026 के दौरान उज्जैन के सिद्धवट घाट पर तर्पण के साथ पुरानी वंशावली पोथियां भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

ई-इंदौर डेस्क 26 Sep 2026 26 बार देखा गया Madhya Pradesh
Ujjain News: श्राद्ध 2026 में खुलेंगी पुरानी वंशावलियां, सिद्धवट पर तर्पण की खास परंपरा

Ujjain News: श्राद्ध 2026 में खुलेंगी पुरानी वंशावलियां, सिद्धवट पर तर्पण की खास परंपरा  |  ई-इंदौर फोटो

उज्जैन में Shradh 2026 की शुरुआत 26 सितंबर से हो गई है। 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृ पक्ष में सिद्धवट और रामघाट पर तर्पण होगा।

सिद्धवट की पोथियों में दर्ज इतिहास

उज्जैन के सिद्धवट घाट पर पुरोहित परिवारों के पास पुरानी वंशावली पोथियां सुरक्षित हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें कई परिवारों की पीढ़ियों का विवरण दर्ज है।

नाम, गोत्र और शहर की जानकारी से पुरोहित संबंधित परिवार की पुरानी प्रविष्टियां खोजते हैं। यही परंपरा news of ujjain में भी धार्मिक विरासत के रूप में सामने आती है।

16 दिन चलेगा श्राद्ध पक्ष

श्राध paksha 2026 के दौरान तर्पण और पिंडदान के लिए उज्जैन के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालु पहुंचेंगे। सिद्धवट, रामघाट और गया कोठा पितृ कर्म के प्रमुख स्थल माने जाते हैं।

10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या होगी। इसी दिन शनिश्चरी अमावस्या और गजछाया योग का संयोग भी बताया गया है।

Online Tarpan पर बढ़ा ध्यान

जो लोग उज्जैन नहीं पहुंच पाते, उनके बीच online tarpan जैसी सेवाओं का विकल्प भी चर्चा में है। हालांकि पारंपरिक श्राद्ध कर्म के लिए स्थानीय पुरोहितों की भूमिका बनी हुई है।

MP News में उज्जैन से जुड़ी यह धार्मिक परंपरा इसलिए खास है, क्योंकि पुरानी पोथियां परिवारों के इतिहास को भी दर्ज करती हैं।

FAQ

1. सिद्धवट घाट क्यों प्रसिद्ध है?
यह उज्जैन में तर्पण और पिंडदान का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है।

2. Shradh 2026 कब तक चलेगा?
पितृ पक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक रहेगा।

3. उज्जैन में पितृ कर्म कहां किया जाता है?
सिद्धवट, रामघाट और गया कोठा प्रमुख स्थान हैं।

4. क्या पुरोहितों के पास पुरानी वंशावली है?
रिपोर्टों के अनुसार, कई पुरोहित परिवारों के पास पुरानी वंशावली पोथियां सुरक्षित हैं

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