10 Major Protests Across India Apart from CJP: Farmers, Forests, Land and Livelihood Issues Dominate
देश के अलग-अलग हिस्सों में CJP छात्र आंदोलन के अलावा भी कई बड़े विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कहीं किसान व्यापार समझौतों का विरोध कर रहे हैं तो कहीं आदिवासी समुदाय भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की मांग उठा रहे हैं। कई राज्यों में पर्यावरण, रोजगार और स्थानीय आजीविका से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन तेज हुए हैं।
1. मध्य प्रदेश: केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध
छतरपुर और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावित ग्रामीण और आदिवासी समुदाय पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि परियोजना से जंगल, खेती और पारंपरिक जीवन प्रभावित होगा। हाल के दिनों में पुलिस कार्रवाई के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन मांगें अभी भी बरकरार हैं।
2. उत्तराखंड: 'सेव शिवालिक फॉरेस्ट' अभियान
ऋषिकेश क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए हजारों पेड़ काटने के प्रस्ताव के खिलाफ पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। विरोध के बाद राज्य सरकार ने पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला किया।
3. पंजाब-हरियाणा: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किसान आंदोलन
किसान संगठनों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विरोध तेज कर दिया है। उनका कहना है कि सस्ते कृषि आयात से भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र को नुकसान होगा। दिल्ली कूच और किसान महापंचायत के दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोका।
4. मणिपुर: शांति और न्याय की मांग
मणिपुर में हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक और नागरिक संगठन शांति बहाली, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा की मांग को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मुद्दा अभी भी राज्य की प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।
5. छत्तीसगढ़: नकटी गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई का विरोध
छत्तीसगढ़ के नकटी क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और मुआवजे की मांग उठाई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना कार्रवाई की गई।
6. कर्नाटक: AI टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध
बेंगलुरु के निकट प्रस्तावित AI टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसान और ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि उपजाऊ कृषि भूमि को बचाया जाए और उचित मुआवजा तथा पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
7. गुजरात: बिजली कंपनियों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
गुजरात के कई जिलों में किसानों ने बिजली दरों, आपूर्ति और निजी बिजली कंपनियों से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कृषि क्षेत्र के लिए राहत और बेहतर बिजली व्यवस्था की मांग की।
8. गोवा: करापुर-सरवन मेगा परियोजना का विरोध
गोवा में प्रस्तावित करापुर-सरवन परियोजना के खिलाफ स्थानीय नागरिक और पर्यावरण समूह आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि परियोजना से पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों पर असर पड़ सकता है।
9. महाराष्ट्र: अमेज़न डेटा सेंटर परियोजना का विरोध
महाराष्ट्र में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर से जुड़े भूमि उपयोग और स्थानीय प्रभावों को लेकर कुछ ग्रामीण और सामाजिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शनकारी परियोजना के सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.
10. देशभर में भूमि और पर्यावरण से जुड़े आंदोलन
इन आंदोलनों के अलावा कई राज्यों में बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के खिलाफ स्थानीय समुदाय विरोध कर रहे हैं। प्रमुख मांगें भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता, उचित पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका की सुरक्षा हैं।
क्या है इन आंदोलनों का साझा संदेश?
इन सभी आंदोलनों की मांगें अलग-अलग हैं, लेकिन अधिकांश प्रदर्शन भूमि, पर्यावरण, रोजगार, शिक्षा, किसानों के हित और स्थानीय समुदायों के अधिकारों से जुड़े हैं। कई मामलों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी है, जबकि कुछ मामलों में कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।