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बांकीपुर उपचुनाव 2026: प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, BJP का 31 साल पुराना किला ढहा

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भाजपा का 31 साल पुराना गढ़ टूट गया। चुनाव परिणाम को बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और जन सुराज के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।

ई-इंदौर डेस्क 04 Aug 2026 26 बार देखा गया Politics
बांकीपुर उपचुनाव 2026: प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, BJP का 31 साल पुराना किला ढहा

बांकीपुर उपचुनाव 2026: प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, BJP का 31 साल पुराना किला ढहा  |  ई-इंदौर फोटो

Bankipur Bypoll Result 2026: Prashant Kishor Registers Historic Victory, BJP Loses 31-Year Stronghold

बांकीपुर उपचुनाव 2026 में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पहली चुनावी परीक्षा में बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों से हराया। इस जीत के साथ भाजपा का बांकीपुर विधानसभा सीट पर करीब 31 साल का राजनीतिक दबदबा भी खत्म हो गया। यह सीट 1995 से लगातार भाजपा के पास रही थी।

किसे मिले कितने वोट?

अंतिम मतगणना के अनुसार, प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। भाजपा के नीरज कुमार को 44,827 वोट प्राप्त हुए। इस तरह जन सुराज पार्टी ने 19,324 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। यह प्रशांत किशोर का पहला विधानसभा चुनाव था और उनकी पार्टी के लिए अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

क्यों खास है यह जीत?

बांकीपुर को भाजपा का सबसे मजबूत शहरी गढ़ माना जाता रहा है। पूर्व मंत्री नितिन नवीन और उनके परिवार ने इस सीट पर वर्षों तक जीत दर्ज की। ऐसे में पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर का यहां जीतना बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

यह चुनाव केवल एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं था। इसे जन सुराज पार्टी की राजनीतिक स्वीकार्यता और प्रशांत किशोर की जनाधार बनाने की क्षमता की परीक्षा भी माना जा रहा था।

जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?

जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि युवा मतदाताओं और बदलाव की राजनीति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश बिहार में नई राजनीति की शुरुआत का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की राजनीति नहीं करेंगे और जन सुराज अपने दम पर आगे बढ़ेगी।

BJP ने क्या कहा?

हार के बाद भाजपा ने जनादेश को स्वीकार किया। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करती है और हार के कारणों की समीक्षा करेगी। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी कहा कि भाजपा हार का ठीकरा चुनाव आयोग या ईवीएम पर नहीं फोड़ती, बल्कि आत्ममंथन करेगी।

बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर की जीत से जन सुराज पार्टी को आगामी चुनावों में नई ऊर्जा मिलेगी। यह परिणाम भाजपा और अन्य दलों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार प्रशांत किशोर ने चुनावी रणनीतिकार से आगे बढ़कर जनप्रतिनिधि बनने का सफर तय किया है। हालांकि, इस एक परिणाम के आधार पर पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करना अभी जल्दबाजी होगी। 

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