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IIT पटना की 3 छात्राओं का कमाल! AI से ट्रैफिक जाम का समाधान, Flipkart प्रतियोगिता में जीत

IIT पटना की तीन छात्राओं ने Flipkart की AI आधारित प्रतियोगिता में सफलता हासिल की है। छात्राओं ने ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित समाधान तैयार किया। यह तकनीक ट्रैफिक की स्थिति का अनुमान लगाने और यातायात प्रबंधन में मदद करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

ई-इंदौर डेस्क 29 Oct 2026 21 बार देखा गया Startups
IIT पटना की 3 छात्राओं का कमाल! AI से ट्रैफिक जाम का समाधान, Flipkart प्रतियोगिता में जीत

IIT पटना की 3 छात्राओं का कमाल! AI से ट्रैफिक जाम का समाधान, Flipkart प्रतियोगिता में जीत  |  ई-इंदौर फोटो

flipkart grid 2.0: IIT पटना की तीन छात्राओं ने राष्ट्रीय तकनीकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। छात्राओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ट्रैफिक जाम का अनुमान लगाने वाला सिस्टम बनाया। इस तकनीक का नाम 'Gridlock Oracle' है।

तीन छात्राओं ने दिखाई तकनीकी प्रतिभा

विजेता टीम में कशिश राय, भूमि गर्ग और प्रज्ञा महाजन शामिल हैं। तीनों IIT पटना के बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के तीसरे वर्ष में पढ़ती हैं।

कशिश और भूमि गणित एवं कंप्यूटिंग की छात्राएं हैं। प्रज्ञा कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही हैं।

8,057 घटनाओं के डेटा से तैयार किया मॉडल

प्रतियोगिता बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आयोजित हुई। इसमें प्रतिभागियों को यातायात से जुड़ी 8,057 वास्तविक घटनाओं का डेटा दिया गया।

छात्राओं ने ai-based traffic prediction तकनीक विकसित की। यह किसी घटना के बाद गंभीर जाम और सड़क बंद होने की संभावना का अनुमान लगाती है।

अनावश्यक तैनाती में 86% तक कमी

मॉडल के मूल्यांकन में पुलिसकर्मियों और अन्य संसाधनों की अनावश्यक तैनाती में 86% तक कमी की संभावना सामने आई।

यह आंकड़ा प्रतियोगिता के परीक्षण से संबंधित है। वास्तविक सड़कों पर इतने सुधार की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

कैसे काम करता है Gridlock Oracle?

सिस्टम ट्रैफिक घटनाओं के उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करता है। इसके बाद यह संभावित यातायात बाधाओं का अनुमान लगाता है।

इससे अधिकारी तय कर सकते हैं कि कहां पुलिसकर्मी और बैरिकेड्स लगाने की जरूरत है। तकनीक का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना है।

इंदौर जैसे शहरों को क्या फायदा?

इंदौर और भोपाल जैसे व्यस्त शहरों में भी ऐसी तकनीक भविष्य में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इन शहरों में इसके इस्तेमाल की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

यह उपलब्धि iit patna ai course और तकनीकी शिक्षा में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए भी उपयोगी उदाहरण है।

आगे क्या होगा?

इस मॉडल को वास्तविक यातायात व्यवस्था में अपनाने से पहले अतिरिक्त परीक्षण जरूरी होंगे।

प्रतियोगिता में मिली सफलता बताती है कि छात्र विकसित AI तकनीक से शहरी यातायात प्रबंधन की चुनौतियों पर काम कर सकते हैं।

FAQ

1. Flipkart GRID 2.0 प्रतियोगिता किसने जीती?

IIT पटना की तीन छात्राओं कशिश राय, भूमि गर्ग और प्रज्ञा महाजन ने Flipkart और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस की AI आधारित ट्रैफिक चुनौती में जीत हासिल की।

2. IIT पटना की छात्राओं ने कौन-सी AI तकनीक बनाई?

छात्राओं ने Gridlock Oracle नाम का AI मॉडल विकसित किया। यह ट्रैफिक घटनाओं का विश्लेषण करके जाम और सड़क बंद होने की संभावना का अनुमान लगाता है।

3. AI-Based Traffic Prediction तकनीक कैसे काम करती है?

यह तकनीक पुराने ट्रैफिक डेटा और घटनाओं का विश्लेषण करती है। इसके आधार पर संभावित जाम और यातायात बाधाओं का अनुमान लगाया जाता है।

4. IIT पटना के AI मॉडल से कितना फायदा हो सकता है?

प्रतियोगिता के परीक्षण में मॉडल ने पुलिसकर्मियों और अन्य संसाधनों की अनावश्यक तैनाती में 86% तक कमी की संभावना दिखाई। वास्तविक यातायात में इस परिणाम की पुष्टि बाकी है।

5. Flipkart की ट्रैफिक प्रतियोगिता में कितने डेटा रिकॉर्ड इस्तेमाल हुए?

प्रतिभागियों को बेंगलुरु की यातायात व्यवस्था से जुड़ी 8,057 वास्तविक घटनाओं का डेटा उपलब्ध कराया गया था।

6. क्या IIT पटना का AI ट्रैफिक सिस्टम इंदौर में लागू होगा?

फिलहाल इंदौर में इस तकनीक को लागू करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। भविष्य में परीक्षण के बाद ऐसी तकनीक उपयोगी हो सकती है।

7. IIT पटना में AI से संबंधित कौन-से कोर्स उपलब्ध हैं?

IIT पटना में कंप्यूटर साइंस, गणित एवं कंप्यूटिंग जैसे तकनीकी कार्यक्रम उपलब्ध हैं। iit patna ai course और iit patna online courses की वर्तमान जानकारी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।


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