Meta ने पेश किए नए AI सुरक्षा टूल
Meta AI टूल के जरिए कंपनी Facebook और Instagram पर बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और संदिग्ध विज्ञापनों की पहचान मजबूत कर रही है। 7 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने इन नए उपायों की जानकारी दी।
Meta के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में ऐसे 53 लाख कंटेंट पर कार्रवाई हुई। इनमें 98% से अधिक मामलों का पता यूजर्स की रिपोर्ट से पहले लगा।
संदिग्ध विज्ञापनों पर कैसे होगी कार्रवाई?
कुछ विज्ञापन सामान्य दिखते हैं, लेकिन उनके लिंक यूजर्स को दूसरे प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी सामग्री तक पहुंचा सकते हैं। Meta अब विज्ञापन की सामग्री के साथ उसके लिंक और गंतव्य की भी जांच करेगा।
कंपनी ने संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए बड़े भाषा मॉडल (LLM) और AI आधारित जांच प्रणाली लागू की है। एक red-teaming AI एजेंट सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियां भी तलाशेगा।
वैश्विक स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई
Meta के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के दौरान Facebook और Instagram पर वैश्विक स्तर पर 3.32 करोड़ ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई हुई। इनमें 97% से अधिक का पता यूजर्स की रिपोर्ट से पहले लगा।
कंपनी ने दोबारा नए अकाउंट बनाने वाले प्रतिबंधित लोगों की पहचान मजबूत करने की बात भी कही है। यह कदम ऑनलाइन बाल सुरक्षा और डिजिटल विज्ञापन निगरानी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यूजर्स के लिए क्या मायने हैं?
इन बदलावों से संदिग्ध विज्ञापनों और बाहरी लिंक पर कार्रवाई तेज हो सकती है। हालांकि, यूजर्स को भी अनजान लिंक से बचना चाहिए और संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करनी चाहिए।
FAQs
1. Meta ने नए AI टूल क्यों पेश किए?
बाल शोषण से जुड़े कंटेंट और संदिग्ध विज्ञापनों की पहचान मजबूत करने के लिए।
2. भारत में कितने मामलों पर कार्रवाई हुई?
जनवरी-जून 2026 के दौरान 53 लाख कंटेंट पर कार्रवाई हुई।
3. क्या AI बाहरी लिंक की भी जांच करेगा?
हां, सिस्टम विज्ञापन के गंतव्य और संदिग्ध लिंक की जांच भी करेगा।
4. यूजर्स क्या सावधानी रखें?
अनजान लिंक न खोलें और संदिग्ध विज्ञापनों की रिपोर्ट करें।