भारतीय फार्मा कंपनियों को राहत
Tariff news: अमेरिका ने भारत समेत 20 देशों से आयात होने वाली चुनिंदा स्पेशलिटी दवाओं पर एड वैलोरम टैरिफ नहीं लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने 28 सितंबर को इसकी जानकारी दी।
यह फैसला गंभीर बीमारियों, बांझपन, सेल थेरेपी और जीन थेरेपी से जुड़ी दवाओं पर लागू होगा। संबंधित दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ प्रमुख कंपोनेंट्स भी इसमें शामिल हैं।
किन दवाओं को मिली छूट?
अमेरिकी फैसले में एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स और कुछ पशु चिकित्सा उत्पाद भी शामिल हैं। पात्र उत्पादों पर टैरिफ दर शून्य रखी गई है।
भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ सहित 19 अन्य देश सूची में हैं।
100% टैरिफ से अलग है यह फैसला
अमेरिका ने कुछ पेटेंटेड फार्मास्युटिकल उत्पादों पर 100% टैरिफ लागू करने की तैयारी की थी। संबंधित प्रावधान कुछ कंपनियों के लिए पहले लागू हो चुका है। अन्य कंपनियों पर इसकी समयसीमा 29 सितंबर बताई गई थी।
वहीं, अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया कि जेनेरिक फार्मास्युटिकल उत्पाद इस टैरिफ के दायरे में नहीं आएंगे।
भारत के लिए क्या मायने?
अमेरिका भारतीय दवा कंपनियों के लिए प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल है। चुनिंदा दवाओं पर शुल्क छूट से संबंधित उत्पादों के अमेरिकी कारोबार पर असर पड़ सकता है।
यह tariff news भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए खास है। हालांकि, यह राहत सभी medicines company और सभी दवाओं पर लागू नहीं होती।
FAQ
1. अमेरिका ने किसे टैरिफ राहत दी?
भारत समेत 20 देशों की चुनिंदा स्पेशलिटी दवाओं को राहत मिली है।
2. क्या सभी भारतीय दवाओं पर टैरिफ हट गया?
नहीं, छूट केवल पात्र उत्पादों पर लागू है।
3. क्या जेनेरिक दवाओं पर फार्मा टैरिफ लगेगा?
अमेरिकी विभाग के अनुसार जेनेरिक फार्मास्युटिकल उत्पाद इस टैरिफ से बाहर हैं।
4. फैसला कब सामने आया?
अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने 28 सितंबर 2026 को इसकी जानकारी दी।