गुजरात के सूरत में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, यह आग हादसा नहीं बल्कि कथित तौर पर जानबूझकर लगाई गई थी। मामले में 33 वर्षीय पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि करीब ₹10 हजार के बकाया वेतन को लेकर हुए विवाद के बाद उसने पूर्व नियोक्ता की दुकान को निशाना बनाया। आग फैलने से कई दुकानों में रखा कपड़ा जल गया और नुकसान करीब ₹24 करोड़ तक पहुंचा।
क्या हुआ था?
यह घटना सूरत के सारोली इलाके में स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 8-9 सितंबर 2026 की रात हुई। शुरुआत में आग लगने को दुर्घटना या शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां मिलीं।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध ने कपड़ों के पार्सलों पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा दी। आग तेजी से आसपास के सामान तक फैल गई।
₹10 हजार के विवाद से जुड़ा मामला
पुलिस के मुताबिक, विनोद सावले ने अप्रैल 2026 में एक कपड़ा कारोबारी की दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम शुरू किया था। उसका वेतन करीब ₹30 हजार प्रतिमाह बताया गया है।
बाद में नौकरी को लेकर विवाद हुआ और उसने काम छोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, सावले का दावा था कि उसका करीब ₹10 हजार वेतन बकाया था। इसी विवाद को लेकर उसने पूर्व नियोक्ता से नाराजगी जताई थी।
पुलिस का आरोप है कि इसी रंजिश में उसने पूर्व नियोक्ता की दुकान में आग लगाने की योजना बनाई। यह पुलिस जांच में सामने आया दावा है; मामले में न्यायिक प्रक्रिया अभी बाकी है।
14 से ज्यादा दुकानों तक पहुंची आग
आग एक दुकान तक सीमित नहीं रही। पुलिस के अनुसार, लपटें आसपास की दुकानों तक फैल गईं और बड़ी मात्रा में कपड़ा तथा अन्य सामान नष्ट हुआ।
रिपोर्टों में प्रभावित दुकानों की संख्या 14 से 17 के बीच बताई गई है। अलग-अलग कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। कुल नुकसान करीब ₹24 करोड़ बताया गया है।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
जांच में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद ली। एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम ने 1,500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और संदिग्ध की आवाजाही का रास्ता ट्रैक किया। इसके बाद पुलिस सावले तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, आग की घटना के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और सूरत से बाहर चला गया। वह पहले राजस्थान के खाटू श्याम और फिर अयोध्या गया। बाद में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों से होते हुए सूरत लौटने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
आग लगाने में पेट्रोल के इस्तेमाल का दावा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब ₹150 का पेट्रोल खरीदा था। जांच में आरोप है कि उसने पेट्रोल को एक प्लास्टिक बैग और बोतल में रखा और देर रात बाजार में पहुंचा।
पुलिस का कहना है कि उसने कपड़ों के पार्सलों के पास पेट्रोल डाला और आग लगाने की कोशिश की। पहली कोशिश के बाद दूसरी बार आग भड़कने का दावा जांच में सामने आया है।
पुलिस की जांच अभी जारी
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अकेले वारदात की या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका थी। पेट्रोल की बिक्री और उसे उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर पुलिस ने कथित घटनाक्रम का पुनर्निर्माण भी कराया है।
कारोबारियों को बड़ा नुकसान
आग से केवल आरोपी के पूर्व नियोक्ता का सामान प्रभावित नहीं हुआ। आसपास की दुकानों में मौजूद अन्य कारोबारियों का माल भी आग की चपेट में आया। रिपोर्टों के अनुसार, कई दुकानों में करोड़ों रुपये का कपड़ा रखा था।
आग के बाद सुरक्षा नियमों से जुड़े कारणों के चलते बाजार परिसर को बंद रखने से कुछ अन्य कारोबारियों के कामकाज पर भी असर पड़ा।
महत्वपूर्ण तथ्य
स्थान: श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट, सारोली, सूरत
घटना: भीषण आग
घटना का समय: 8-9 सितंबर 2026 की रात
पुलिस का आरोप: आग जानबूझकर लगाई गई
गिरफ्तार व्यक्ति: 33 वर्षीय पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले
कथित विवाद: करीब ₹10 हजार का बकाया वेतन
अनुमानित नुकसान: करीब ₹24 करोड़
प्रभावित दुकानें: रिपोर्टों में 14 से 17 तक
जांच का आधार: सीसीटीवी और अन्य जांच
वर्तमान स्थिति: आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
जनता और कारोबारियों के लिए क्या मायने?
यह घटना बड़े टेक्सटाइल बाजारों में अग्नि सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और व्यावसायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान खींचती है। हालांकि इस मामले में आग के कथित कारण और जिम्मेदारी से जुड़े अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
Indore live और latest indore news से जुड़े पाठकों के लिए यह खबर सीधे इंदौर की घटना नहीं है, लेकिन मध्य प्रदेश से बाहर की ऐसी बड़ी कारोबारी और अपराध संबंधी खबरें भी राष्ट्रीय समाचार संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. सूरत टेक्सटाइल मार्केट में आग क्यों लगी?
पुलिस के अनुसार, आग कथित तौर पर ₹10 हजार के बकाया वेतन के विवाद के बाद लगाई गई थी। जांच में पूर्व अकाउंटेंट पर आग लगाने का आरोप है।
2. आग में कितना नुकसान हुआ?
पुलिस जांच के अनुसार करीब ₹24 करोड़ का कपड़ा और अन्य सामान नष्ट हुआ।
3. क्या आरोपी गिरफ्तार हो चुका है?
हां। पुलिस ने पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
4. क्या यह शुरुआत में हादसा माना गया था?
हां। शुरुआती तौर पर आग को दुर्घटना की तरह देखा गया था, लेकिन बाद की जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने इसे कथित आगजनी का मामला बताया।
समापन
सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की आग की जांच में पुलिस ने इसे कथित रूप से सुनियोजित आगजनी बताया है। पुलिस के अनुसार, एक पूर्व अकाउंटेंट का करीब ₹10 हजार के वेतन को लेकर विवाद था और इसी के बाद उसने कथित तौर पर आग लगाई। घटना में कई दुकानों का सामान जल गया और नुकसान करीब ₹24 करोड़ बताया गया है। आरोपी गिरफ्तार है और पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।