Indore Road Widening अभियान के तहत नगर निगम ने शहर में बड़ी कार्रवाई की है। सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 95 निर्माणों को हटाया गया। कार्रवाई के बाद कई परिवारों ने विरोध दर्ज कराया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला। वहीं प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई मास्टर प्लान रोड के निर्माण के लिए जरूरी थी।
सड़क चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई
Indore Road Widening परियोजना के तहत निगम ने 60 फीट चौड़ी प्रस्तावित सड़क के मार्ग में आने वाले निर्माण हटाए। कार्रवाई के दौरान कई मकान और अन्य ढांचे तोड़े गए।
अधिकारियों के अनुसार यह सड़क भविष्य के यातायात दबाव को कम करने में मदद करेगी। परियोजना को शहर के बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रभावित परिवारों का विरोध
कार्रवाई के बाद कई परिवारों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
कुछ लोगों ने पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके सामने आवास की समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन का पक्ष
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। परियोजना के लिए पहले से नोटिस और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गई थीं।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
शहर के विकास से जुड़ी परियोजना
मास्टर प्लान रोड को इंदौर के विकास कार्यों का हिस्सा माना जा रहा है। सड़क बनने के बाद क्षेत्र में कनेक्टिविटी और यातायात सुगम होने की उम्मीद है।
हालांकि प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर विवाद अभी जारी है।
इंदौर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर विकास और पुनर्वास के बीच संतुलन का सवाल फिर चर्चा में आ गया है।