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MP कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: सरकार ने लीव एनकैशमेंट का फॉर्मूला किया स्पष्ट, रिटायरमेंट से पहले ऐसे होगा हिसाब

मध्य प्रदेश सरकार ने लीव एनकैशमेंट की गणना का तरीका स्पष्ट कर दिया है। अब अर्जित अवकाश का नकदीकरण केवल बेसिक पे और महंगाई भत्ते के आधार पर होगा। इस फैसले से राज्य के करीब 7 लाख कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट राशि का सटीक अनुमान लगाने में आसानी होगी।

ई-इंदौर डेस्क 25 Jun 2026 39 बार देखा गया Indore
MP कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: सरकार ने लीव एनकैशमेंट का फॉर्मूला किया स्पष्ट, रिटायरमेंट से पहले ऐसे होगा हिसाब

MP कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: सरकार ने लीव एनकैशमेंट का फॉर्मूला किया स्पष्ट, रिटायरमेंट से पहले ऐसे होगा हिसाब  |  ई-इंदौर फोटो

MP Government Clarifies Leave Encashment Formula for Employees Before Retirement

लीव एनकैशमेंट को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। वित्त विभाग ने अर्जित अवकाश (Earned Leave) के नकदीकरण की गणना का तरीका स्पष्ट कर दिया है। इस फैसले से राज्य के करीब 7 लाख कर्मचारियों को रिटायरमेंट से पहले मिलने वाली राशि का सटीक अनुमान लगाने में आसानी होगी।

सरकार ने यह स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया क्योंकि अलग-अलग विभागों में लीव एनकैशमेंट की गणना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।

क्या है लीव एनकैशमेंट?

लीव एनकैशमेंट वह राशि होती है जो कर्मचारी को सेवानिवृत्ति, सेवा समाप्ति या नियमानुसार अर्जित अवकाश के बदले दी जाती है।

मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को अधिकतम 300 दिनों की अर्जित छुट्टियों का नकदीकरण करने का प्रावधान है। भुगतान कर्मचारी के अंतिम वेतन के आधार पर किया जाता है।

सरकार ने क्या स्पष्ट किया?

वित्त विभाग ने बताया है कि लीव एनकैशमेंट की गणना केवल मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) को आधार बनाकर की जाएगी।

गणना के लिए पहले Basic Pay और DA को जोड़कर एक माह का वेतन निकाला जाएगा। इसके बाद उसे 30 से विभाजित कर प्रति दिन का वेतन तय होगा। अंत में प्रति दिन के वेतन को पात्र अर्जित अवकाश (अधिकतम 300 दिन) से गुणा कर कुल लीव एनकैशमेंट राशि निकाली जाएगी।

सरकार ने उदाहरण के साथ यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य भत्ते, जैसे HRA, विशेष भत्ता या यात्रा भत्ता, इस गणना में शामिल नहीं होंगे।

क्यों जारी करना पड़ा स्पष्टीकरण?

हाल के वर्षों में कई विभागों से लीव एनकैशमेंट की गणना को लेकर प्रश्न उठ रहे थे। कर्मचारी संगठनों ने भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी।

इसी के बाद वित्त विभाग ने विस्तृत गणना पद्धति जारी की, ताकि सभी विभाग एक समान नियमों के अनुसार भुगतान कर सकें।

कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

अब कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले अपनी संभावित लीव एनकैशमेंट राशि का स्वयं अनुमान लगा सकेंगे। इससे वित्तीय योजना बनाना आसान होगा और भुगतान को लेकर विवाद भी कम होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक समान गणना प्रणाली लागू होने से सभी विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


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