मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से साइबर अपराध का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहाँ खजराना थाना क्षेत्र में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा को ऑनलाइन पानी की बोतल ऑर्डर करना बेहद भारी पड़ गया. शातिर जालसाजों ने रिफंड देने के बहाने छात्रा का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उसके खाते से करीब 3 लाख रुपये उड़ा दिए. इस दौरान ठगों ने छात्रा का निजी डेटा चुराकर उसे ब्लैकमेल भी किया.
रिफंड का झांसा देकर हैक किया मोबाइल
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित छात्रा की बहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के एक पेज से पानी की दो बोतलें ऑर्डर की थीं. इसके बाद उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया. फोन करने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि ऑर्डर कैंसिल होने के कारण पैसे वापस करने हैं.
ठग ने छोटी राशि सीधे ट्रांसफर न होने का बहाना बनाया और रिफंड प्रोसेस के लिए एक यूपीआई (UPI) लिंक भेज दिया. जैसे ही छात्रा ने उस फर्जी लिंक पर क्लिक किया, उसका मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो गया. आरोपियों ने रिमोट एक्सेस के जरिए उसके फोन का सारा पर्सनल डेटा और तस्वीरें अपने कब्जे में ले लीं.
फोटो वायरल करने की धमकी देकर की ब्लैकमेलिंग
डेटा चोरी करने के बाद साइबर ठगी करने वाले गिरोह ने छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो उसकी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी. लोक-लाज और बदनामी के डर से सहमी छात्रा ने चुपचाप आरोपियों के बताए खातों में पैसे भेज दिए.
कॉलेज की फीस भरने गई तब हुआ खुलासा
इस पूरी बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब छात्रा अपने कॉलेज की फीस जमा करने बैंक पहुंची. जब उसने अपना बैंक खाता चेक किया, तो उसके होश उड़ गए. खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 99 हजार रुपये गायब हो चुके थे.
"छात्रा की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच की जा रही है." — खजराना थाना पुलिस, इंदौर
पीड़िता ने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी और इंदौर साइबर क्राइम सेल व खजराना थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अब तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को ट्रेस करने में जुटी है.