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DAVV-DBATU ने किया 5 साल का करार, छात्रों को मिलेगा एक्सचेंज और संयुक्त रिसर्च का अवसर

DAVV और महाराष्ट्र की DBATU ने पांच वर्षीय MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत छात्र एक्सचेंज, क्रेडिट ट्रांसफर और संयुक्त शोध परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक अवसर मिलेंगे.

ई-इंदौर डेस्क 14 Jul 2026 6 बार देखा गया Education
DAVV-DBATU ने किया 5 साल का करार, छात्रों को मिलेगा एक्सचेंज और संयुक्त रिसर्च का अवसर

DAVV-DBATU ने किया 5 साल का करार, छात्रों को मिलेगा एक्सचेंज और संयुक्त रिसर्च का अवसर  |  ई-इंदौर फोटो

DAVV and DBATU Sign 5-Year MoU for Student Exchange and Joint Research

DAVV-DBATU समझौता इंदौर के विद्यार्थियों के लिए नई शैक्षणिक संभावनाएं लेकर आया है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV), इंदौर और महाराष्ट्र के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DBATU), लोणेरे ने पांच वर्ष के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य छात्र आदान-प्रदान, क्रेडिट ट्रांसफर और संयुक्त शोध गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

समझौते से छात्रों को क्या मिलेगा?

इस MoU के तहत दोनों विश्वविद्यालय अपने छात्रों को एक-दूसरे के संस्थानों में अध्ययन और अकादमिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर देंगे। विद्यार्थी निर्धारित नियमों के अनुसार क्रेडिट ट्रांसफर का लाभ भी ले सकेंगे।

इसके अलावा, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट, शैक्षणिक सहयोग और ज्ञान साझा करने के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

पांच वर्षों तक रहेगा प्रभावी

दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुआ यह समझौता पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। इस अवधि में छात्र और संकाय सदस्य विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे। भविष्य में आवश्यकतानुसार साझेदारी का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।

शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

विश्वविद्यालयों का मानना है कि संयुक्त शोध से नई तकनीकों, नवाचार और बहुविषयक अध्ययन को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

ऐसे सहयोग से शोध प्रकाशनों, प्रोजेक्ट्स और अकादमिक नेटवर्किंग को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उच्च शिक्षा में सहयोग की नई पहल

हाल के वर्षों में विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। छात्र एक्सचेंज और क्रेडिट ट्रांसफर जैसी व्यवस्थाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप भी मानी जाती हैं। यह समझौता विद्यार्थियों को संस्थान की सीमाओं से बाहर सीखने का अवसर प्रदान करेगा।

अब आगे क्या होगा?

समझौते के बाद दोनों विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेंगे। छात्र एक्सचेंज, संयुक्त रिसर्च और अन्य अकादमिक गतिविधियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित विश्वविद्यालय समय-समय पर जारी करेंगे। फिलहाल किसी विशेष बैच या कोर्स के लिए कार्यक्रम की तिथि सार्वजनिक नहीं की गई है। 

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