AI को लेकर मार्क जुकरबर्ग का बड़ा दावा
मार्क जुकरबर्ग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के रोजगार पर असर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि AI ने कुल मिलाकर बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा की हैं।
जुकरबर्ग ने The Wall Street Journal को दिए एक इंटरव्यू में AI के विकास से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की बात कही। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब Meta अपने AI विस्तार पर भारी निवेश कर रही है।
Meta में 8 हजार कर्मचारियों की छंटनी
रिपोर्ट के मुताबिक, Meta ने 2026 में करीब 8,000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म की हैं। कंपनी ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर खर्च की योजना बनाई है।
Meta का 2026 का पूंजीगत खर्च करीब 130 अरब डॉलर से 145 अरब डॉलर तक रहने का अनुमान है। यह खर्च मुख्य रूप से AI डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है।
AI से नौकरियां कैसे बन रही हैं?
जुकरबर्ग के अनुसार, AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने से निर्माण और सपोर्ट सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
हालांकि, उनके इस दावे पर चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि Meta के भीतर इसी साल बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी हुई है। इससे AI निवेश और रोजगार के बीच संबंध को लेकर बहस तेज हुई है।
Meta का फोकस AI पर क्यों बढ़ा?
Meta AI को अपनी भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है। कंपनी कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने और AI आधारित उत्पादों के विकास पर तेजी से काम कर रही है।
Reuters के अनुसार, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च से Meta के फ्री कैश फ्लो पर भी दबाव पड़ा है। इसके बावजूद कंपनी AI को लंबे समय के विकास का महत्वपूर्ण अवसर मान रही है।