सतलुज विवाद एक बार फिर चर्चा में है। दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई, लेकिन दो दिन बाद भारत में इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। यह फिल्म पहले भी सेंसर बोर्ड और रिलीज को लेकर लंबे विवाद का सामना कर चुकी थी।
क्या है 'सतलुज' फिल्म की कहानी?
फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लापता लोगों के मामलों को सामने लाने का काम किया था। बाद में उनका अपहरण हुआ और उनकी हत्या कर दी गई। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना था।
CBFC से क्यों हुआ विवाद?
फिल्म का नाम पहले 'घल्लूघारा' था। बाद में इसे 'Punjab 95' किया गया। इसके बाद इसका अंतिम नाम 'सतलुज' रखा गया। फिल्म 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास प्रमाणन के लिए गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड ने 127 कट लगाने और कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया। इसके चलते फिल्म की रिलीज करीब तीन साल तक अटकी रही।
OTT से क्यों हटाई गई फिल्म?
थिएटर रिलीज नहीं होने के बाद फिल्म को बिना कट के ZEE5 पर रिलीज किया गया। हालांकि, रिलीज के दो दिन बाद इसे भारत में हटा दिया गया। ZEE5 ने आधिकारिक बयान में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण फिल्म फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी और इसे वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वहीं, सरकारी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते फिल्म हटाने का निर्णय लिया गया।
फिल्म को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
फिल्म हटाए जाने के बाद कई राजनीतिक नेताओं और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने इस फैसले पर सवाल उठाए। कुछ नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बताया, जबकि सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
आगे क्या होगा?
ZEE5 ने कहा है कि वह उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। फिलहाल भारत में फिल्म की स्ट्रीमिंग बंद है, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में यह उपलब्ध है।