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डूम्सडे ग्लेशियर पर बड़ा खुलासा, 2100 तक समुद्र स्तर बढ़ने का खतरा दोगुना

अंटार्कटिका के थ्वाइट्स ग्लेशियर पर नए अध्ययन में तेजी से बर्फ पिघलने के संकेत मिले हैं। इससे समुद्र का स्तर बढ़ने का खतरा पहले के अनुमानों से अधिक हो सकता है।

ई-इंदौर डेस्क 17 Oct 2026 18 बार देखा गया Environment
डूम्सडे ग्लेशियर पर बड़ा खुलासा, 2100 तक समुद्र स्तर बढ़ने का खतरा दोगुना

डूम्सडे ग्लेशियर पर बड़ा खुलासा, 2100 तक समुद्र स्तर बढ़ने का खतरा दोगुना  |  ई-इंदौर फोटो

अंटार्कटिका का थ्वाइट्स ग्लेशियर अनुमान से अधिक तेजी से पिघल रहा है। 15 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, नए अध्ययन ने 2100 तक समुद्र स्तर बढ़ने के पुराने अनुमानों पर सवाल उठाए हैं। यह ग्लेशियर पश्चिमी अंटार्कटिका में स्थित है और इसे डूम्सडे ग्लेशियर भी कहते हैं।

समुद्र स्तर बढ़ने का खतरा

शोधकर्ताओं के नए मॉडल के अनुसार, थ्वाइट्स ग्लेशियर 2100 तक समुद्र स्तर में लगभग 30 मिलीमीटर यानी 1.2 इंच तक योगदान दे सकता है। यह पहले के अनुमानों से करीब दोगुना है। गर्म समुद्री पानी ग्लेशियर के नीचे पहुंचकर बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज करता है।

ग्लेशियर क्यों है चिंता का कारण?

यह विशाल antarctica glacier समुद्र में बहने वाली बर्फ को रोकने में अहम भूमिका निभाता है। इसके पीछे हटने से आसपास की बर्फ की चादरें भी अस्थिर हो सकती हैं। संभावित glacier collapse से लंबे समय में वैश्विक समुद्र स्तर काफी बढ़ सकता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्लेशियर के नीचे समुद्री पानी की गतिविधि को बेहतर समझना जरूरी है। आगे के शोध से भविष्य के समुद्र स्तर और तटीय बाढ़ के जोखिम का आकलन बेहतर हो सकेगा।

FAQs

1. डूम्सडे ग्लेशियर कहां स्थित है?

यह पश्चिमी अंटार्कटिका में स्थित थ्वाइट्स ग्लेशियर है।

2. इसे डूम्सडे ग्लेशियर क्यों कहते हैं?

इसके पीछे हटने से समुद्र स्तर बढ़ने और आसपास की बर्फ की चादरों के अस्थिर होने का खतरा है।

3. 2100 तक समुद्र स्तर कितना बढ़ सकता है?

नए मॉडल के अनुसार, थ्वाइट्स ग्लेशियर अकेले लगभग 30 मिलीमीटर तक योगदान दे सकता है।

4. ग्लेशियर तेजी से क्यों पिघल रहा है?

गर्म समुद्री पानी ग्लेशियर के नीचे पहुंचकर बर्फ को पिघला रहा है।

5. क्या इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है?

वैश्विक समुद्र स्तर बढ़ने से भारत के निचले तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और तटीय कटाव का जोखिम बढ़ सकता है।

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