महाराष्ट्र में सूखे का दायरा बढ़ा
महाराष्ट्र सरकार ने 358 में से 265 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। यह फैसला कम बारिश और लंबे सूखे दौर के बाद लिया गया।
राज्य में 18 सितंबर तक सामान्य से 18.8% कम बारिश दर्ज हुई। छत्रपति संभाजीनगर संभाग में बारिश की कमी करीब 30.8% रही।
फसलों पर पड़ा असर
सोयाबीन, कपास, मक्का, बाजरा और दालों की फसल प्रभावित हुई है। कई इलाकों में किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत की है।
सरकार अब फसल नुकसान का पंचनामा और जमीनी सत्यापन करा रही है। प्रभावित किसानों को आकलन के बाद सहायता देने की बात कही गई है।
राहत के लिए कई कदम
सरकार ने फसल ऋण पुनर्गठन, भूमि राजस्व में राहत और कृषि बिजली बिल में छूट जैसे कदम घोषित किए हैं। जरूरत वाले इलाकों में पानी के टैंकर और चारे की व्यवस्था भी होगी।
महाराष्ट्र cm office के अनुसार जारी राहत उपायों में रोजगार गारंटी योजना में भी नियमों में ढील शामिल है। परीक्षा शुल्क में राहत का प्रावधान भी बताया गया है।
महाराष्ट्र CM से जुड़ी जानकारी
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FAQs
1. महाराष्ट्र में कितने तालुका सूखाग्रस्त घोषित हुए?
265 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
2. सूखे का मुख्य कारण क्या है?
कम बारिश और लंबे समय तक बारिश में कमी मुख्य कारणों में शामिल है।
3. किसानों के लिए क्या राहत घोषित हुई?
ऋण पुनर्गठन, राजस्व राहत, बिजली बिल में छूट और पानी-चारे की व्यवस्था शामिल है।
4. फसल नुकसान का आकलन कैसे होगा?
सरकार पंचनामा और जमीनी सत्यापन के जरिए नुकसान दर्ज करेगी।