NPPA Cancer Drug Prices: कैंसर मरीजों को इलाज के खर्च में बड़ी राहत मिलने वाली है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (nppa) ने 543 दवा ब्रांड और पैक की अधिकतम खुदरा कीमतें संशोधित की हैं। कुछ दवाओं के दाम 90 प्रतिशत से ज्यादा घटे हैं। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत निर्धारित किया है। हालांकि, सभी महंगी कैंसर दवाओं की कीमतों में कटौती नहीं हुई है।
543 दवाओं की कीमतों में बदलाव
nppa india ने 28 अक्टूबर को कैंसर की दवाओं की संशोधित कीमतें जारी कीं। यह फैसला 17 अक्टूबर के व्यापार मार्जिन संबंधी निर्देश के बाद आया है।
नई सूची में जेनेरिक और बायोसिमिलर दवाओं के कई ब्रांड सस्ते हुए हैं। इनका इस्तेमाल स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज में होता है।
₹40 हजार की दवा अब ₹2,720 में
स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Palbopro की 125 मिलीग्राम वाली 21 कैप्सूल की पैकिंग पहले ₹40,421.33 की थी। संशोधित कीमत ₹2,720 है। इसमें लगभग 93 प्रतिशत की कमी हुई है।
कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली Samtepa की 100 मिलीग्राम शीशी का दाम ₹80,071.86 से घटकर ₹7,150.33 हो गया है।
प्रोस्टेट कैंसर की Abiralive दवा का 120 टैबलेट वाला पैक ₹28,000 से घटकर ₹4,840 का हो गया है।
इन दवाओं के दाम भी घटे
Womazol की 10 गोलियों की कीमत ₹458.85 से घटकर ₹39.52 हो गई है। वहीं, Ivzumab की 400 मिलीग्राम शीशी अब ₹13,512 की होगी। इसकी पुरानी कीमत ₹69,852.12 थी।
Dasatinib, Lenvatinib और Olaparib के कुछ ब्रांड की कीमतों में भी कटौती दर्ज हुई है।
हालांकि, cancer drug prices में यह बदलाव दवा के ब्रांड, मात्रा और पैकिंग के अनुसार अलग-अलग है।
कुछ महंगी दवाओं पर राहत नहीं
कीमतों में बड़ी कटौती के बावजूद कई महंगी कैंसर दवाएं पहले जैसी कीमत पर उपलब्ध रहेंगी।
इम्यूनोथेरेपी दवा Keytruda की 100 मिलीग्राम शीशी का मूल्य ₹2,16,500 बना हुआ है।
Tagrisso, Tecentriq, Darzalex और Imfinzi जैसे महंगे ब्रांड की सूचीबद्ध कीमतों में भी बदलाव नहीं हुआ है।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की महंगी दवाओं और उनकी बिक्री पर मिलने वाले मार्जिन को लेकर सवाल उठाए थे।
इसके बाद सरकार ने दवा वितरण व्यवस्था में व्यापार मार्जिन सीमित करने का निर्णय लिया।
nppa guidelines के तहत संबंधित कंपनियों को संशोधित मूल्य सूची जारी करनी होगी। अस्पतालों को सीधे आपूर्ति होने वाली दवाएं भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
इंदौर के मरीजों को कितना फायदा होगा?
इंदौर और मध्य प्रदेश के कैंसर मरीजों को भी संशोधित कीमतों का लाभ मिल सकता है।
हालांकि, बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि मरीज के इलाज में कौन-सी दवा और ब्रांड इस्तेमाल हो रहा है।
दवा सस्ती होने से पूरे इलाज का खर्च उसी अनुपात में कम होना जरूरी नहीं है। जांच, अस्पताल और अन्य उपचार का खर्च अलग रहेगा।
9 नवंबर से लागू होंगे नए दाम
नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी। मरीज nppa latest price list में संबंधित दवा और पैक की संशोधित कीमत देख सकते हैं।
मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना दवा या ब्रांड नहीं बदलना चाहिए।
सरकार के इस फैसले से कुछ कैंसर दवाओं का खर्च घटेगा। हालांकि, महंगी दवाओं की कीमतें कम करने की चुनौती अभी बनी हुई है।
FAQs
1. NPPA ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में कितनी कटौती की है?
NPPA के निर्देशों के बाद कैंसर की कुछ दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत से अधिक कटौती हुई है। हालांकि, सभी दवाओं के दाम इतनी मात्रा में नहीं घटे हैं।
2. कैंसर की दवाओं की नई कीमतें कब से लागू होंगी?
कैंसर की दवाओं की संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। दवा कंपनियों को नई मूल्य सूची के अनुसार कीमतें निर्धारित करनी होंगी।
3. NPPA ने कितनी कैंसर दवाओं की कीमतें बदली हैं?
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने 543 दवा ब्रांड और पैक की कीमतें संशोधित की हैं। इनमें कई जेनेरिक और बायोसिमिलर दवाएं शामिल हैं।
4. कैंसर की कौन-कौन सी दवाएं सस्ती हुई हैं?
Palbopro, Samtepa, Abiralive और Womazol जैसे कुछ ब्रांड की कीमतों में बड़ी कटौती हुई है। वास्तविक कीमत दवा की मात्रा और पैकिंग पर निर्भर करेगी।
5. क्या सभी कैंसर की दवाएं 90% सस्ती हो गई हैं?
नहीं। केवल कुछ दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत से अधिक कमी हुई है। Keytruda और कुछ अन्य महंगी कैंसर दवाओं की सूचीबद्ध कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है।