WHO Coldrif सिरप मामले में भारत से जानकारी चाहता था। अक्टूबर 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारतीय अधिकारियों से पूछा कि बच्चों की मौतों से जुड़े दूषित कफ सिरप का निर्यात हुआ था या नहीं। यह मामला मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की बीमारियों और मौतों की खबरों के बाद सामने आया।
जांच में क्या सामने आया?
द इकोनॉमिक टाइम्स की 9 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के औषधि नियामक CDSCO ने WHO को बताया था कि संबंधित दूषित सिरप का निर्यात नहीं हुआ। WHO ने आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद वैश्विक मेडिकल अलर्ट की जरूरत का आकलन करने की बात कही थी।
सिरप में मिला जहरीला रसायन
तमिलनाडु में Coldrif सिरप के नमूने में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) मिला था। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी मात्रा 48.6% थी, जबकि कफ सिरप में इसकी अनुमत सीमा 0.1% है। यह औद्योगिक रसायन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
आगे क्या हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित दवाओं को वापस लेने और निर्माताओं को उत्पादन रोकने के निर्देश दिए गए थे। मामले में निर्माता कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी शुरू हुई थी। WHO ने दूषित दवाओं के संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रसार को लेकर चिंता जताई थी।
दवा सुरक्षा से जुड़े इस मामले में नियामक जांच और आधिकारिक जानकारी अहम थी। यह खबर अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट पर आधारित है।
FAQ
1. WHO ने भारत से क्या पूछा था?
WHO ने पूछा था कि दूषित Coldrif सिरप का निर्यात दूसरे देशों में हुआ था या नहीं।
2. Coldrif सिरप में कौन-सा रसायन मिला था?
नमूने में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) मिला था।
3. DEG की अनुमत सीमा कितनी बताई गई?
रिपोर्ट में इसकी अनुमत सीमा 0.1% बताई गई थी।
4. क्या भारत ने सिरप के निर्यात की पुष्टि की थी?
रिपोर्ट के अनुसार, CDSCO ने WHO को बताया था कि संबंधित दूषित सिरप का निर्यात नहीं हुआ।
5. यह मामला कब सामने आया था?
इस मामले पर WHO की जानकारी अक्टूबर 2025 में सामने आई थी।