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CRPF की बड़ी उपलब्धि, 47 साल में पहली बार पूरे 12 महीने किसी जवान की ऑपरेशन में मौत नहीं

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने 47 साल में पहली बार लगातार 12 महीनों तक किसी भी अभियान में जवान की मौत नहीं होने का रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि नक्सल प्रभावित इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा अभियानों के बीच सामने आई है। इसे बेहतर सुरक्षा रणनीति, खुफिया जानकारी और अभियान संबंधी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

ई-इंदौर डेस्क 03 Nov 2026 18 बार देखा गया India
CRPF की बड़ी उपलब्धि, 47 साल में पहली बार पूरे 12 महीने किसी जवान की ऑपरेशन में मौत नहीं

CRPF की बड़ी उपलब्धि, 47 साल में पहली बार पूरे 12 महीने किसी जवान की ऑपरेशन में मौत नहीं  |  ई-इंदौर फोटो

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने सुरक्षा अभियानों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। पिछले 12 महीनों में किसी भी अभियान के दौरान बल के जवान की मौत नहीं हुई। CRPF के 47 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।

यह achievement of india देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CRPF ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में अभियान जारी रखते हुए यह रिकॉर्ड बनाया है।

30 अक्टूबर 2025 के बाद कोई ऑपरेशनल मौत नहीं

CRPF के अनुसार, आखिरी ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज हुई थी। इसके बाद लगातार 12 महीनों तक किसी जवान की अभियान संबंधी मौत नहीं हुई।

बल के महानिदेशक जीपी सिंह ने 2 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की।

उन्होंने इसे CRPF के इतिहास की बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही जवानों की सुरक्षा और बेहतर अभियान रणनीति पर जोर दिया।

इस दौरान CRPF ने कई संवेदनशील इलाकों में अभियान जारी रखे। इसलिए यह रिकॉर्ड केवल अभियानों की संख्या घटने से नहीं जुड़ा है।

47 साल बाद दोहराया गया रिकॉर्ड

CRPF ने इससे पहले जनवरी 1979 तक ऐसी अवधि दर्ज की थी। उस समय फरवरी 1977 से जनवरी 1979 के बीच 24 महीने तक ऑपरेशनल मौत नहीं हुई थी।

इसके बाद बल को विभिन्न सुरक्षा अभियानों में जवानों की जान गंवानी पड़ी।

अब 2026 में लगातार 12 महीने तक शून्य ऑपरेशनल मौत का रिकॉर्ड सामने आया है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बल में किसी भी कारण से कोई मौत नहीं हुई। यह आंकड़ा केवल अभियान संबंधी मौतों का है।

CRPF महानिदेशक ने क्या कहा?

crpf director general जीपी सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय बेहतर उपकरण और प्रशिक्षण को दिया।

उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, रणनीतिक योजना और घायल जवानों को जल्दी अस्पताल पहुंचाने से मदद मिली है।

उनके अनुसार, बल सभी प्रमुख अभियान क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। इसके बावजूद जवानों की जान बचाने में सफलता मिली।

crpf dg ने भविष्य में भी सुरक्षा अभियानों के दौरान जवानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई।

बेहतर उपकरणों से बढ़ी सुरक्षा

CRPF ने संवेदनशील अभियानों के दौरान आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर जोर दिया है।

इनमें बेहतर सुरक्षात्मक सामग्री, संचार उपकरण और अभियान की जरूरत के अनुसार संसाधन शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, किसी अभियान से पहले विस्तृत योजना तैयार की जाती है। संभावित खतरों का आकलन करके जवानों की तैनाती होती है।

उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सामान्य आवाजाही के दौरान भी अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है।

घायल जवानों को तुरंत इलाज का लाभ

इस उपलब्धि के पीछे बेहतर चिकित्सा सहायता को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

अधिकारियों के अनुसार, कई गंभीर मामलों में घायल जवानों की मौत चोट लगने के कुछ दिन बाद होती थी।

अब घायल जवानों को जल्दी बेहतर अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इससे गंभीर रूप से घायल जवानों को समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ती है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान

CRPF ने छत्तीसगढ़ और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक अभियान चलाए हैं।

इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को बारूदी सुरंगों, घात लगाकर हमलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।

सरकार ने मार्च 2026 में नक्सलवाद समाप्त होने की घोषणा की थी। हालांकि, सुरक्षा बल प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और अभियान संबंधी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।

CRPF की उपलब्धि इन अभियानों में जवानों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में भी तैनाती

CRPF के जवान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहते हैं।

मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से बल की भूमिका बढ़ी है।

इन क्षेत्रों में सुरक्षा की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। इसलिए जवानों को स्थानीय चुनौतियों के अनुसार काम करना पड़ता है।

लगातार 12 महीने तक ऑपरेशनल मौत नहीं होना बल की सुरक्षा तैयारियों का महत्वपूर्ण संकेत है।

पहले कितने जवानों ने गंवाई जान?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1947 से अब तक CRPF के 2,268 जवान अभियानों में जान गंवा चुके हैं।

वर्ष 2010 में सबसे अधिक 143 ऑपरेशनल मौतें दर्ज हुई थीं।

उस वर्ष नक्सली हमलों में बड़ी संख्या में जवान शहीद हुए थे। दंतेवाड़ा का हमला सबसे गंभीर घटनाओं में शामिल था।

वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और मणिपुर से कुल 12 मौतें दर्ज हुई थीं।

2025 में भी अभियान संबंधी मौतें हुई थीं। इसके बाद अक्टूबर 2025 से शून्य ऑपरेशनल मौत का सिलसिला शुरू हुआ।

CRPF की जिम्मेदारी क्या है?

CRPF भारत के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल है। इसमें तीन लाख से अधिक जवान कार्यरत हैं।

यह बल आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती जैसी जिम्मेदारियां निभाता है।

crpf headquarters नई दिल्ली में स्थित है। बल का प्रशासनिक संचालन गृह मंत्रालय के अंतर्गत होता है।

crpf police की भूमिका सामान्य राज्य पुलिस से अलग है। इसे विभिन्न राज्यों में विशेष सुरक्षा जरूरतों के अनुसार तैनात किया जाता है।

भर्ती की तैयारी करने वालों के लिए जानकारी

crpf recruitment 2026 और crpf vacancy की जानकारी तलाश रहे युवाओं के लिए यह बल रोजगार का महत्वपूर्ण विकल्प है।

crpf constable सहित विभिन्न पदों पर भर्ती संबंधित अधिसूचना के अनुसार होती है।

crpf qualification, crpf physical test और crpf running time जैसे नियम पद और भर्ती प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकते हैं।

crpf notification 2026 जारी होने पर उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट से पात्रता और आवेदन तारीख जांचनी चाहिए।

इस उपलब्धि का किसी नई भर्ती या crpf physical date 2026 की घोषणा से सीधा संबंध नहीं है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • सुरक्षा बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)

  • उपलब्धि: लगातार 12 महीने शून्य ऑपरेशनल मौत

  • आखिरी ऑपरेशनल मौत: 30 अक्टूबर 2025

  • पिछला ऐसा दौर: फरवरी 1977 से जनवरी 1979

  • महानिदेशक: जीपी सिंह

  • प्रमुख अभियान क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और मणिपुर

  • 1947 से कुल ऑपरेशनल मौतें: 2,268

  • मुख्य सुधार: प्रशिक्षण, उपकरण, योजना और चिकित्सा सहायता

CRPF ने 47 साल बाद लगातार 12 महीने तक किसी ऑपरेशनल मौत के बिना अभियान चलाने की उपलब्धि हासिल की है। बल ने बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और समय पर चिकित्सा सहायता को इसका प्रमुख कारण बताया है। आगे भी जवानों की सुरक्षा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता रहेगी।

FAQs

1. CRPF ने 2026 में कौन सी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है?

CRPF ने 47 साल में पहली बार लगातार 12 महीने बिना किसी ऑपरेशनल मौत के पूरे किए हैं। इस दौरान बल ने विभिन्न सुरक्षा अभियानों में भाग लिया।

2. CRPF में आखिरी ऑपरेशनल मौत कब हुई थी?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CRPF में आखिरी ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज हुई थी। इसके बाद लगातार 12 महीने किसी अभियान में जवान की मौत नहीं हुई।

3. CRPF के महानिदेशक (CRPF DG) कौन हैं?

नवंबर 2026 में जीपी सिंह CRPF के महानिदेशक हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और घायल जवानों को समय पर इलाज मिलने को दिया।

4. CRPF ने जवानों की मौत रोकने के लिए क्या कदम उठाए?

CRPF ने बेहतर सुरक्षा उपकरण, अभियान की योजना, प्रशिक्षण और चिकित्सा सुविधाओं पर जोर दिया। घायल जवानों को जल्दी अस्पताल पहुंचाने से भी मदद मिली।

5. CRPF Physical Test में क्या होता है?

crpf physical test में पद के अनुसार दौड़, शारीरिक माप और अन्य परीक्षण शामिल हो सकते हैं। दौड़ की दूरी और समय संबंधित भर्ती अधिसूचना में दिए जाते हैं।

6. CRPF का मुख्यालय कहां स्थित है?

CRPF का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।


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