पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी कैबिनेट ने कानून में कड़े बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसमें पेपर लीक मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान शामिल है। दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
पीएम मोदी का छात्रों के लिए नया वीडियो संदेश
इस फैसले से पहले पीएम मोदी ने छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक है।
पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने छात्रों का साल बचाने के लिए परीक्षाएं जल्द कराने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए सरकार ने पूरी ताकत लगाई।
इसके बाद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने युवाओं से मिले सुझावों और सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद दिया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने में फैसला
प्रस्तावित बदलावों के तहत पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। इन अदालतों में मामलों का निपटारा और सजा तीन महीने के भीतर सुनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मौजूदा कानून में दोषियों को 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। नए प्रस्ताव में सजा और आर्थिक दंड दोनों बढ़ाने की तैयारी है।
संसद में जल्द पेश हो सकता है विधेयक
सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े कानून में संशोधन करेगी। प्रस्तावित संशोधन विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी है।
सरकार का कहना है कि पेपर लीक करने वाले लोगों पर तेजी से कार्रवाई जरूरी है। इससे परीक्षा व्यवस्था में छात्रों का भरोसा मजबूत करने की कोशिश होगी।
पीएम मोदी ने पहले भी कहा था कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पेपर लीक रोकने को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए केंद्र और राज्यों से मिलकर काम करने की अपील की थी।
युवाओं से सोशल मीडिया पर जुड़ने की सलाह
कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों से युवाओं के साथ सोशल मीडिया पर सीधे संवाद बढ़ाने को कहा। उन्होंने मंत्रियों को इंस्टाग्राम रील्स और इंटरैक्टिव कार्यक्रमों के जरिए युवाओं से जुड़ने की सलाह दी।
यह कदम ऐसे समय आया है, जब पेपर लीक मुद्दे को लेकर दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सरकार के नए फैसले से अब पेपर लीक मामलों में कानूनी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।