आर्थिक तंगी के बीच NEET में शानदार सफलता
राजस्थान के बूंदी जिले के सूरज सैनी ने NEET UG 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 583 अंक और 99.16 पर्सेंटाइल हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की उम्मीद मजबूत की है।
सूरज बूंदी के कापरेन कस्बे से आते हैं। उन्होंने हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। 10वीं में 87 और 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।
12वीं तक नहीं जानते थे NEET के बारे में
सूरज ने बताया कि 12वीं कक्षा तक उन्हें NEET परीक्षा की जानकारी नहीं थी। उनकी मौसी ने उन्हें इस परीक्षा के बारे में बताया।
इसके बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। शुरुआत में उन्हें तैयारी का सही तरीका भी नहीं पता था।
परिवार की मदद के लिए करते थे पेंटिंग
सूरज के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसलिए वह खाली समय में गांवों में घरों की रंगाई-पुताई करते थे।
उन्होंने यह काम किसी प्रशिक्षण के बिना सीखा। इस कमाई से वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करते थे। उनकी मां घीसी बाई खेतों में मजदूरी करती हैं।
तीसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
सूरज ने पहली बार 2024 में NEET दिया था। तैयारी पूरी नहीं होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली।
बाद में उन्हें कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट के छात्रवृत्ति कार्यक्रम से मदद मिली। उन्हें मुफ्त कोचिंग और रहने की सुविधा मिली। तीसरे प्रयास में उन्होंने 583 अंक हासिल किए।
सूरज ने छात्रों को दी खास सलाह
सूरज का मानना है कि NEET में सफलता के लिए सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास जरूरी है। उन्होंने छात्रों को कक्षा 11 से तैयारी शुरू करने की सलाह दी।
उनके अनुसार, NCERT की किताबों पर मजबूत पकड़ बनानी चाहिए। इसके साथ रोजाना प्रश्नों का अभ्यास भी करना चाहिए।
अब सूरज को सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट मिलने की उम्मीद है। वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। उनकी सफलता आर्थिक संघर्ष के बीच मेडिकल शिक्षा का सपना देखने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बनी है।