मथुरा के बरसाना में 19 सितंबर को radha ashtami 2026 का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। barsana radha rani temple में तड़के राधारानी के जन्मोत्सव और अभिषेक की विशेष तैयारियां हुईं।
ब्रह्मांचल पर्वत स्थित मंदिर में सुबह करीब चार बजे जन्माभिषेक हुआ। इस दौरान वेदमंत्रों और धार्मिक जयकारों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
दूध-दही से विशेष अभिषेक
राधारानी के महाभिषेक में 11 कुंतल दूध और 11 कुंतल दही का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ 21 किलो घी, 21 किलो शहद और 51 किलो बूरा भी शामिल किया गया।
अभिषेक के बाद राधारानी की विशेष आरती हुई। मंदिर परिसर में भक्तों ने radha krishna bhajan गाकर जन्मोत्सव में हिस्सा लिया।
बरसाना में दर्शन के लिए भीड़
राधा अष्टमी को लेकर बरसाना में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर भक्त दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
barsana mandir में धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैनात रहीं।
ब्रज में उत्सव का माहौल
राधा अष्टमी ब्रज क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्वों में शामिल है। बरसाना को राधारानी की जन्मस्थली के रूप में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।
इस अवसर पर वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बरसाना पहुंचे। radha krishna vrindavan से जुड़े धार्मिक आयोजनों के बीच ब्रज क्षेत्र में भी उत्सव का माहौल रहा।
FAQs
1. राधा अष्टमी 2026 कब मनाई गई?
राधा अष्टमी 19 सितंबर 2026 को मनाई गई।
2. बरसाना मंदिर में जन्माभिषेक कब हुआ?
जन्माभिषेक सुबह करीब चार बजे हुआ।
3. महाभिषेक में कितने दूध और दही का इस्तेमाल हुआ?
11-11 कुंतल दूध और दही का इस्तेमाल हुआ।