दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही देश में चार महीने चलने वाले बारिश के मौसम की शुरुआत हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अनुकूल समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों तक पहुंचेगा।
कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
IMD ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है मानसून?
दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की कृषि और जल संसाधनों के लिए अहम माना जाता है। देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, देश की वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा मानसून से मिलता है। इसका असर खाद्य उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत पर नजर
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश, गरज और तेज हवाओं की संभावना जताई है। हालांकि मानसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा।
मौसम वैज्ञानिक लगातार इसकी प्रगति पर नजर रख रहे हैं। अगले सप्ताह कई और राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
आगे क्या?
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे पश्चिमी तट और दक्षिणी राज्यों में आगे बढ़ेगा। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ सकता है।
इस साल किसानों, जल प्रबंधन एजेंसियों और आम लोगों की नजर मानसून की प्रगति पर रहेगी।