इंदौर में EOW छापा कार्रवाई के तहत एमवाय अस्पताल (MYH) के फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के कई ठिकानों पर जांच की गई। अधिकारियों को योजना-140 से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और आय से अधिक संपत्ति की शिकायतें मिली थीं। इसी आधार पर कार्रवाई की गई।
EOW की जांच में क्या मिला?
EOW की टीम ने इंदौर और अन्य स्थानों पर एक साथ दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई के दौरान संपत्ति, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए।
प्रारंभिक जांच में राकेश गोरखे के खिलाफ कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
योजना-140 मामले से जुड़ा नाम
जांच एजेंसी को शिकायत मिली थी कि योजना-140 से जुड़े कुछ मामलों में वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं। इसी कड़ी में राकेश गोरखे का नाम सामने आया।
EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी योजनाओं और संपत्ति निवेश के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं।
दस्तावेजों की हो रही जांच
अधिकारियों के अनुसार जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है। बैंक लेनदेन, संपत्ति खरीद और निवेश की जानकारी को मिलान किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में वित्तीय रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आगे क्या होगा?
EOW जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी ने मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।
यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।