6 Lesser-Known Monsoon Destinations Near Indore Worth Exploring This Rainy Season
मानसून आते ही इंदौर के कम चर्चित मानसून डेस्टिनेशन हरियाली और झरनों से भर उठते हैं। ज्यादातर लोग पातालपानी, तिंचा या जनापाव का रुख करते हैं, लेकिन इंदौर के आसपास कई ऐसी जगहें भी हैं जो अभी बड़े पर्यटन मानचित्र पर नहीं आई हैं। यदि आप भीड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण चाहते हैं, तो ये स्थान बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
नर्मदा-खाड़ी संगम: दो नदियों का दुर्लभ मिलन
इंदौर से करीब 70 किलोमीटर दूर देवास जिले के उदयनगर क्षेत्र में नर्मदा-खाड़ी संगम स्थित है। यहां खाड़ी नदी नर्मदा में मिलती है। मानसून में दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से पूरा क्षेत्र हरियाली से घिर जाता है।
यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है। यहां अभी भी व्यावसायिक पर्यटन विकसित नहीं हुआ है, इसलिए अपेक्षाकृत शांति मिलती है।
हत्यारी खोह: गहरी घाटी और घना जंगल
महू के पास स्थित हत्यारी खोह मालवा क्षेत्र की कम चर्चित प्राकृतिक घाटियों में शामिल है। यहां गहरी चट्टानें, घना जंगल और मानसून के दौरान बहते छोटे जलप्रवाह देखने को मिलते हैं।
बारिश में रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। इसलिए प्रशासन और स्थानीय लोग केवल सुरक्षित स्थानों से ही दृश्य देखने की सलाह देते हैं।
बमनिया कुंड: ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए
सिमरोल क्षेत्र के जंगलों के बीच स्थित बमनिया कुंड मानसून में सक्रिय होने वाला प्राकृतिक जलप्रपात है। यहां पहुंचने के लिए कुछ दूरी पैदल चलना पड़ता है।
इसी वजह से यहां पर्यटकों की संख्या कम रहती है। तेज बारिश के दौरान यहां जाने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी लेना जरूरी है।
जाम गेट व्यू पॉइंट: बादलों के बीच मालवा का नजारा
इंदौर-खंडवा मार्ग पर स्थित जाम गेट मालवा के सबसे सुंदर व्यू पॉइंट्स में गिना जाता है। मानसून में यहां बादल सड़क तक उतर आते हैं और घाटी का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है।
यह स्थान फोटोग्राफी और सनराइज देखने वालों के बीच धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन अभी भी यहां सप्ताह के सामान्य दिनों में भीड़ कम रहती है।
कालाकुंड घाटी: प्रकृति और रेल मार्ग का अनोखा संगम
महू-कालाकुंड रेलखंड अपने पहाड़ी मार्ग और हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। मानसून में यह पूरा क्षेत्र बादलों और जंगलों से ढक जाता है।
कालाकुंड गांव के आसपास कई प्राकृतिक दृश्य ऐसे हैं जहां स्थानीय लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं, लेकिन यह जगह अभी बड़े पर्यटन सर्किट का हिस्सा नहीं बनी है।
मोहड़ी (Mohadi) क्षेत्र के मौसमी झरने
धार जिले की सीमा से लगे मोहड़ी क्षेत्र में मानसून के दौरान कई छोटे प्राकृतिक झरने सक्रिय हो जाते हैं। ये झरने स्थायी पर्यटन स्थल नहीं हैं, इसलिए यहां बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं।
यही कारण है कि यहां केवल स्थानीय लोग और प्रकृति प्रेमी ही अधिक पहुंचते हैं।
मानसून में यात्रा करते समय रखें सावधानी
बारिश के मौसम में किसी भी झरने या नदी के तेज बहाव के पास न जाएं। फिसलन वाली चट्टानों पर चढ़ने से बचें। जिन स्थानों पर प्रशासन प्रवेश रोकता है, वहां जाने का प्रयास न करें। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करें।
क्यों अलग हैं ये जगहें?
इन स्थानों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां अभी बड़े पैमाने पर व्यावसायिक पर्यटन विकसित नहीं हुआ है। इसलिए प्रकृति अपेक्षाकृत अपनी मूल अवस्था में दिखाई देती है। यदि आप इस मानसून भीड़ से दूर शांत वातावरण में समय बिताना चाहते हैं, तो इंदौर के ये कम चर्चित स्थल बेहतर विकल्प हो सकते हैं।