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इंदौर-दाहोद रेल परियोजना में देरी: टीही सुरंग का 60 मीटर काम बाकी, सितंबर-अक्टूबर तक बढ़ी डेडलाइन

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की टीही सुरंग का 60 मीटर काम अभी बाकी है। भूगर्भीय चुनौतियों और तकनीकी कारणों से निर्माण में देरी हुई है। रेलवे ने अब परियोजना की समयसीमा सितंबर-अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है।

ई-इंदौर डेस्क 24 Jun 2026 14 बार देखा गया Indore
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना में देरी: टीही सुरंग का 60 मीटर काम बाकी, सितंबर-अक्टूबर तक बढ़ी डेडलाइन

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना में देरी: टीही सुरंग का 60 मीटर काम बाकी, सितंबर-अक्टूबर तक बढ़ी डेडलाइन  |  ई-इंदौर फोटो

Indore-Dahod Rail Project Delayed as Tihi Tunnel Work Remains Incomplete

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही टीही सुरंग अब भी पूरी नहीं हो सकी है। धार जिले में बन रही इस सुरंग का करीब 60 मीटर हिस्सा अभी अधूरा है। यही वजह है कि परियोजना की समयसीमा एक बार फिर बढ़ाकर सितंबर-अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश ट्रैक बिछाने और सिविल कार्य पूरे हो चुके हैं। लेकिन सुरंग का अंतिम हिस्सा परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

क्यों महत्वपूर्ण है टीही सुरंग

टीही सुरंग इंदौर-दाहोद रेल लाइन का सबसे जटिल इंजीनियरिंग ढांचा है। यह सुरंग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरती है और पूरे कॉरिडोर की कनेक्टिविटी का अहम हिस्सा है।

सुरंग के दोनों ओर ट्रैक बिछाने का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में बैलेस्टलेस ट्रैक भी बिछाए जा चुके हैं।

आखिर क्यों हो रही है देरी?

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग के अंतिम हिस्से में कठिन चट्टानी संरचना और भूगर्भीय चुनौतियां सामने आईं। इसके कारण खुदाई की गति प्रभावित हुई।

बारिश और सुरक्षा मानकों के कारण भी काम कई बार धीमा करना पड़ा। रेलवे किसी भी स्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहता।

अब तक कितना काम पूरा हुआ?

रेल परियोजना के अधिकांश पुल, ट्रैक और अन्य सिविल संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं। कई सेक्शन में ट्रैक बिछाने का काम भी पूरा कर लिया गया है।

हालांकि, जब तक टीही सुरंग पूरी नहीं होती, पूरे कॉरिडोर पर रेल संचालन शुरू नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि अंतिम 60 मीटर का काम सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परियोजना से क्या होगा फायदा?

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलेगा।

यह परियोजना पश्चिमी भारत के कई जिलों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ेगी और यात्रा समय में भी कमी आएगी।

आगे क्या?

रेलवे अधिकारियों का लक्ष्य मानसून के बाद सुरंग का शेष कार्य तेजी से पूरा करना है। इसके बाद ट्रैक कनेक्टिविटी, सिग्नलिंग और सुरक्षा परीक्षण शुरू होंगे।

यदि कार्य निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो सितंबर या अक्टूबर तक सुरंग का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद ही परियोजना के अगले चरण की तैयारी शुरू होगी।

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