Indore-Linked MD Drug Syndicate Busted: Pune Lab Dismantled, Mastermind Arrested from Ujjain
इंदौर MD ड्रग सिंडिकेट से जुड़ी जांच में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) को बड़ी सफलता मिली है। CBN की मध्य प्रदेश इकाई ने महाराष्ट्र के पुणे में चल रही एक हाईटेक मेफेड्रोन (MD) ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को उज्जैन (मध्य प्रदेश) और जोधपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई बहु-राज्यीय अभियान 'ऑपरेशन वज्र' के तहत की गई।
इंदौर से कैसे जुड़ी इस कार्रवाई की कड़ी?
यह मामला किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। इसकी जांच फरवरी 2026 में शुरू हुई थी, जब CBN की नीमच इकाई ने मंदसौर में एक बस से 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया था। पूछताछ के बाद जांच इंदौर जिले के महू (थावलाय गांव) तक पहुंची, जहां एक अवैध MD निर्माण लैब का खुलासा हुआ था। वहां से 43.82 किलोग्राम MD, 261 किलोग्राम से अधिक रसायन और आधुनिक मशीनें जब्त की गई थीं।
जांच आगे बढ़ने पर एजेंसी को पता चला कि गिरोह ने पुणे में भी एक नई अत्याधुनिक लैब तैयार कर ली थी, जहां से सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन जारी था।
ऑपरेशन वज्र में क्या मिला?
CBN ने 1 से 10 जुलाई के बीच कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई की। टीम ने पुणे के भोसरी क्षेत्र में स्थित गुप्त लैब पर छापा मारकर उत्पादन इकाई को ध्वस्त किया।
छापे के दौरान लैब से आधुनिक मशीनरी, रिएक्टर, प्रयोगशाला उपकरण, प्रीकर्सर केमिकल और सुरक्षा उपकरण जब्त किए गए। यह पूरा नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण और सप्लाई से जुड़ा पाया गया।
उज्जैन और जोधपुर से हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान मुख्य आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा था। CBN ने उज्जैन पुलिस की मदद से उसे 3 जुलाई की रात उज्जैन से गिरफ्तार किया।
इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर 9 जुलाई को पुणे और जोधपुर में एक साथ कार्रवाई हुई। इस दौरान दूसरे मुख्य साजिशकर्ता को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया और पुणे की लैब को सील कर दिया गया।
इंदौर-नीमच CBN यूनिट की बड़ी उपलब्धि
यह पूरी कार्रवाई CBN की मध्य प्रदेश इकाई और नीमच कार्यालय की खुफिया जानकारी पर आधारित थी। एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक CBN 142 मामले दर्ज कर चुकी है, 193 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चार अवैध ड्रग निर्माण लैब ध्वस्त की जा चुकी हैं।
अब आगे क्या होगा?
दोनों आरोपियों पर NDPS Act, 1985 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी अब इस सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क, केमिकल सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।