Ujjwala Yojana के लाभार्थियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने अब साल में केवल 4 LPG सिलेंडरों पर सब्सिडी देने का फैसला लिया है। इसके बाद खरीदे जाने वाले सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं को पूरी कीमत चुकानी होगी।
सरकार का कहना है कि योजना के दायरे और खर्च में लगातार बढ़ोतरी के बाद यह निर्णय लिया गया है। देशभर में उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
क्या बदला है नए नियम में?
पहले लाभार्थियों को अधिक संख्या में सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते थे। अब Ujjwala Yojana के तहत केवल पहले चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी।
पांचवें सिलेंडर से उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य का भुगतान करना होगा। यह नियम नए वित्तीय प्रावधानों के तहत लागू किया गया है।
सरकार ने क्या वजह बताई?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उज्ज्वला योजना पर अब तक हजारों करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। लाभार्थियों की संख्या बढ़ने से सरकारी खर्च भी तेजी से बढ़ा है।
सरकार का कहना है कि योजना को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए यह बदलाव जरूरी था।
करोड़ों परिवारों पर असर
ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवार इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। नए नियम के बाद अधिक LPG उपयोग करने वाले परिवारों का खर्च बढ़ सकता है।
हालांकि सरकार का दावा है कि चार सब्सिडी वाले सिलेंडर जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए पर्याप्त होंगे।
आगे क्या?
नए नियम को लेकर विभिन्न राज्यों और उपभोक्ता संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। आने वाले समय में सरकार इसके प्रभाव का आकलन कर सकती है।
उज्ज्वला योजना देश की सबसे बड़ी स्वच्छ ईंधन योजनाओं में से एक है और करोड़ों परिवार इससे जुड़े हुए हैं।