प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अंगदान संकल्प अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत 12 युवाओं ने अंगदान का संकल्प लिया। अंगदान का उद्देश्य समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का संदेश फैलाना था।
अस्पताल और संगठन के माध्यम से हुआ पंजीयन
कार्यक्रम के तहत युवाओं ने AIIMS नई दिल्ली की ORBO (Organ Retrieval Banking Organization) के माध्यम से अंगदान के लिए पंजीयन कराया। पंजीयन के बाद सभी प्रतिभागियों को ऑर्गन डोनर कार्ड भी प्रदान किए गए।
यह अभियान भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्यप्रदेश के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, युवा सिख संगठन मध्यप्रदेश के प्रदेश महामंत्री एवं द मलंग फाउंडेशन के संस्थापक दिलराज अमर सिंह बग्गा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना था।
12 युवाओं ने लिया अंगदान का संकल्प
अंगदान संकल्प अभियान में कुल 12 युवाओं ने हिस्सा लिया। अंगदान का संकल्प लेने वालों में दिलराज अमर सिंह बग्गा, रजत केसरिया, निहाल सोनी, अमित गौतम, कृष्णानंद पांडेय, विनय दीपक श्रीवास्तव, सुनील बंजारा, निखिल सोनी, सुमीत चौरसिया, दीपकमल जायसवाल, दीपांशु तिवारी और सौरभ गुप्ता शामिल रहे।
सभी युवाओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं अंगदान के प्रति जागरूक रहेंगे और समाज में भी इसके लिए जनजागरण अभियान चलाएंगे।
क्या है अंगदान का उद्देश्य?
अंगदान का मुख्य उद्देश्य उन मरीजों की मदद करना है जो किडनी, लीवर, हृदय या अन्य अंगों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। देश में हजारों मरीज प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मृत्यु के बाद किया गया अंगदान कई लोगों की जान बचा सकता है। जागरूकता बढ़ने से अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।
दिलराज अमर सिंह बग्गा ने दिया अंगदान सेवा पर और मानवता का संदेश
इस अवसर पर दिलराज अमर सिंह बग्गा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में सेवा को शासन का आधार बनाया है। उनके नेतृत्व में जनकल्याण, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि इन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर युवाओं ने अंगदान का संकल्प लिया है।
बग्गा ने कहा कि अंगदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को जीवन का दूसरा अवसर देने का संकल्प है। एक अंगदाता अपने निधन के बाद भी कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद, नई मुस्कान और नया भविष्य दे सकता है। उन्होंने लोगों से अंगदान के महत्व को समझने और इस जनहित अभियान से जुड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा लिया गया यह संकल्प मानवता की सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुरू हुई यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव, मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम मानी जा रही है।