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शिक्षकों के लिए नए नियम: तबादले में मांगा जाएगा विवाह प्रमाण पत्र, 1 जुलाई से ई-अटेंडेंस अनिवार्य

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादला प्रक्रिया में विवाह प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया है। साथ ही 1 जुलाई 2026 से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

ई-इंदौर डेस्क 23 Jun 2026 47 बार देखा गया Madhya Pradesh
शिक्षकों के लिए नए नियम: तबादले में मांगा जाएगा विवाह प्रमाण पत्र, 1 जुलाई से ई-अटेंडेंस अनिवार्य

शिक्षकों के लिए नए नियम: तबादले में मांगा जाएगा विवाह प्रमाण पत्र, 1 जुलाई से ई-अटेंडेंस अनिवार्य  |  ई-इंदौर फोटो

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मध्य प्रदेश शिक्षक तबादला नीति को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादला प्रक्रिया में विवाह प्रमाण पत्र को जरूरी दस्तावेजों में शामिल किया है। इसके साथ ही 1 जुलाई 2026 से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस भी अनिवार्य की जा रही है।

इन नए नियमों का उद्देश्य तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।

तबादले के लिए विवाह प्रमाण पत्र जरूरी

रिपोर्ट्स के अनुसार, पति-पत्नी के आधार पर तबादला चाहने वाले शिक्षकों को अब विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विभाग का मानना है कि इससे गलत दावों और दस्तावेजों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। कई शिक्षकों ने इस नियम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।

1 जुलाई से ई-अटेंडेंस लागू

स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।

1 जुलाई 2026 से सभी संबंधित कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। विभाग का कहना है कि इससे उपस्थिति की निगरानी आसान होगी।

पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

शिक्षा विभाग का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है। ई-अटेंडेंस और दस्तावेज सत्यापन जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड प्रबंधन बेहतर होगा और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

आगे क्या होगा

विभाग जल्द ही नए नियमों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

1 जुलाई से ई-अटेंडेंस लागू होने के बाद सभी स्कूलों और विभागीय कार्यालयों में इसकी निगरानी शुरू होगी।

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